जागरण संवाददाता, जम्मू: लद्दाख में कोरोना वायरस से एक मौत की अफवाह को डायरेक्टर हेल्थ सर्विस लद्दाख ने नकार दिया है। विभाग के निदेशक डॉ. फुनसुग आंगचुक ने फयांग गांव के 52 वर्षीय मरीज की मौत के कारणों से पर्दा उठाते हुए स्पष्ट किया कि उसे खांसी, सांस लेने में तकलीफ और बुखार होने पर 27 जनवरी को भर्ती किया गया था। जांच में मरीज को टीबी होने की बात सामने आई थी। न तो मृतक और न ही उसके परिवार से कोई सदस्य लद्दाख से बाहर गया था और न ही उसे कोई अन्य रोग था। इस मरीज की पांच फरवरी को मौत हो गई थी।

दो अन्य लोगों को कोरोना वायरस से ग्रस्त होने की अफवाह पर भी निदेशक ने बताया कि अस्पताल में 55 वर्षीय एक मरीज 11 फरवरी को पहुंचा था। उसे सांस में तकलीफ की शिकायत थी। वह और उसके परिवार का सदस्य भी लद्दाख से बाहर नहीं गए थे। उसे 21 फरवरी को दिल्ली रेफर किया गया। तीसरा 36 वर्षीय मरीज नोबरा का रहने वाला है। उसे उल्टी व दस्त की शिकायत थी और वह 14 फरवरी को ओपीडी में आया था। जांच में उसके निमोनिया से ग्रस्त होने का पता चला था। इससे पहले वह बिहार व दक्षिण भारत में घूम कर आया था। उसे बिहार में यह शिकायत हुई थी जहां उपचार के बाद उसे कुछ राहत मिली। लेह पहुंचने पर उसे दोबारा तकलीफ हुई तो उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। मरीज की हालत स्थिर है। लेह के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोटुप दोरजे ने भी जागरण को बताया कि लेह में कोरोना वायरस को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इस बीमारी का कोई भी मामला प्रकाश में नही आया है।

Posted By: Jagran

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