जम्मू, जागरण संवाददाता: जम्मू के स्थानीय बाजार में खाद्य तेल के दाम में लगातार वृद्धि से स्थानीय बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। तेल के दाम में पिछले एक महीने से हो रही लगातार वृद्धि से जमाखोरी करके मुनाफाखोरी भी बढ़ रही है जिससे दाम और बढ़ रहे हैं।

खाद्य तेल के बढ़ते दाम का यह सिलसिला अगले एक-डेढ़ महीने और बढ़ने की संभावनाएं जताई जा रही है और इस कारण इसकी जमाखोरी तेजी में हैं। खाद्य तेल के दाम बढ़ने से मिलावटखोरी का धंधा भी इन दिनों तेजी पकड़ रहा है लेकिन खाद्य आर्पूति विभाग अभी नींद में है। जम्मू के स्थानीय बाजार में इस समय रिफाइंड तेल का पंद्रह किलो का पैक 2100 रुपये के आसपास बिक रहा है, वहीं सरसों के तेल का पंद्रह किलो के पैक के दाम 2250 रुपये तक पहुंच गए है।

पिछले एक-डेढ़ महीने में इन दामों में 400 से 500 रुपये प्रति पैक की वृद्धि हुई है जो पिछले एक साल में सबसे अधिक वृद्धि है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार मार्च महीने के बाद सरसों की नई फसल आने के बाद ही खाद्य तेल के दाम में कुछ कमी आने की संभावना है। जहां तक रिफाइंड तेल की बात है तो सोया के आयात में कमी के कारण सोया रिफाइंड तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

सोया का आयात अगर इसी तरह रहा तो आने वाले दिनों में सोया रिफाइंड के दाम और बढ़ने की संभावना है। जम्मू की सबसे बड़ी थोक मंडी वेयर हाऊस के खाद्य तेल के थोक विक्रेता मुनीश गुप्ता के अनुसार सोया रिफाइंड के पंद्रह किलो पैक का दाम पहले 1500 से 1700 रुपये के बीच रहता था जो आज 2100 रुपये तक पहुंच गया है। सोया के आयात में अगर वृद्धि नहीं हुई तो दाम यूं ही आसमान पर रहेंगे।

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