राज्य ब्यूरो, जम्मू : नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी की तरफ से पंचायत और निकाय चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किए जाने के बाद कांग्रेस पशोपेश में है। कांग्रेस चुनाव में भाग तो लेना चाहती है, लेकिन उम्मीदवारों की सुरक्षा को लेकर ¨चतित भी है। कश्मीर केंद्रित दो पार्टियों के चुनाव बहिष्कार के बाद कांग्रेस को चुनाव चुनौती लग रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस प्रधान जीए मीर की अध्यक्षता में श्रीनगर में पार्टी की बैठक हुई, जिसमें राज्य के मौजूदा सुरक्षा हालात और दो पार्टियों के चुनाव बहिष्कार करने की घोषणा से उपजे हालात पर विचार विमर्श किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता बैठक के बाद राज्यपाल से मिलने गए और सुरक्षा को लेकर ¨चता जाहिर की। तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में पार्टी के विधायकों, एमएलसी व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। लंबी चर्चा के बाद भी पार्टी ने अपने फैसले का खुलासा नहीं किया। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि पार्टी इस संबंध में हाईकमान से बात करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद, पार्टी के राज्य की प्रभारी अंबिका सोनी व अन्य वरिष्ठ नेताओं से सलाह मशविरा करके बुधवार को अपनी रणनीति का खुलासा करेगी। बैठक में कई विचार उभर कर सामने आए। यह भी कहा गया कि पीडीपी और नेकां की तरफ से बहिष्कार करने से कांग्रेस निशाने पर आ जाएगी। कश्मीर में माहौल खराब है। ऐसे हालात में उम्मीदवारों की सुरक्षा को यकीनी बनाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। कुछ विधायकों ने यह भी कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी जो अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। हमें चुनाव में जाना ही होगा नहीं तो गलत संदेश जाएगा। पार्टी असमंजस में फंस गई है कि वह चुनाव में भाग ले या न लें। कांग्रेस को सिर्फ कश्मीर ही नहीं बल्कि जम्मू भी देखना है। इसलिए सारे मुद्दों पर विचार करने के बाद पार्टी बुधवार को अपना इरादे का खुलासा कर देगी।

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