जम्मू, जेएनएन। कश्मीर में चिल्ले कलां (सबसे सर्द 40 दिन) आज से शुरू हो गया हैं। उच्च पर्वतीय इलाकों के साथ वादी के निचले इलाकों में आज बर्फबारी से राहत है। इससे पहाड़ों समेत मैदानी इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। जम्मू में गत शुक्रवार को हुई बारिश के बाद शनिवार को कोहरे के बीच निकली धूप ने लोगों को राहत दी है। हालांकि यहां भी सर्द हवाएं चल रही है परंतु ठिठुरन इतनी नहीं है। वहीं बारिश के कारण रामबन में देर शाम को एक बार फिर हुए भूस्खलन और जवाहर टनल के नजदीक हुई बर्फबारी के बाद शनिवार को भी जम्मू-श्रीनगर हाइवे वाहनों के लिए बंद रहा। मलवे को हटाने का काम चल रहा है। ट्रैफिक विभाग ने यात्रियों को हाइवे पर उतरने से पहले ट्रैफिक कंट्रोल रूम से जानकारी हासिल करने के बाद ही निकलने की हिदायत दी है। सर्दी के चलते स्कूल शिक्षा विभाग ने समर जोन के सभी स्कूलों में तीस दिसंबर से आठ जनवरी तक छुट्टियां कर दी हैं।

इस वर्ष चिल्ले कलां शुरू होने से पहले ही वादी में कड़ाके की ठंड ने लोगों को बहाल कर दिया है। पारा अमूमन चिल्ले कलां के दौरान ही जमाव बिंदु से नीचे जाता है, लेकिन इस बार पहले से ही चला गया। इसके चलते जलस्रोत पहले से ही जमने लगे थे। गुलमर्ग, सोनमर्ग, साधनाटाप व अन्य उच्च पर्वतीय इलाकों में देर रात तक एक से दो फीट तक बर्फ गिर चुकी थी। श्रीनगर में भी बर्फबारी हुई है। गुलमर्ग का न्यूनतम तापमान माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आज शनिवार को भी वादी के अधिकांश इलाकों में बर्फबारी व बारिश की संभावना जताई है।

जवाहर सुरंग के पास भारी बर्फबारी के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे के बाद से ही बंद कर दिया गया था। यहां तीन से छह इंच बर्फ गिर चुकी थी। हाईवे बंद होने से जवाहर सुरंग के दोनों तरफ करीब एक हजार वाहन फंसे गए हैं। रामबन जिले में वीरवार को बारिश के चलते भूस्खलन होने पर इसे बंद कर दिया गया था। शुक्रवार की सुबह इसे खोला गया था और वाहनों को जम्मू से श्रीनगर के लिए छोड़ा गया था। परंतु उसी शाम को एक बार फिर भूस्खलन होने पर इसे फिर बंद कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार बर्फ हटाने व मलवे को हटाने का काम शुरू हो चुका है। क्लीयर होते ही हाईवे खोल दिया जाएगा। आज वाहनों को श्रीनगर से जम्मू की तरफ रवाना होने की अनुमति दी जाएगी।

क्या है चिल्ले कलां: कश्मीर में सर्दी के सबसे ठंडे चालीस दिनों को चिल्ले कलां नाम दिया गया है। इस समयावधि में मौसम के मिजाज तीखे रहते हैं। बफर्बारी व बारिश होती है। घने बादलों के चलते धूप नहीं निकलती। इसके बाद 20 दिन का चिल्ले खुर्द शुरू होता है। इस अवधि में चिल्ले कलां की तुलना में सर्दी कम होती है। इसके बाद 10 दिन का चिल्ले ब'चा शुरू होता है। इस समय मौसम में सुधार आने लगता है। पारा जमाव बिंदु के ऊपर आने लगता है।

कहां कितना रहा तापमान

शहर               अधिकतम         न्यूनतम

श्रीनगर           2.4                -2.6

जम्मू                11.6               8.2

बनिहाल            8.2                 -1.5

बटोत               9.2                 2.0

कटडा              12.4               7.0

भद्रवाह            8.9                 1.2

पहलगाम           0.0                  -4.1

कहां कितनी बारिश हुई

  • कश्मीर के काजीगुंड में 7.8, पहलगाम में 8.6, कुकरनाग में 4.2, गुलमर्ग में 5.4 बनिहाल में 5.0, बटोत में 4.0 भद्रवाह में 0.8, जम्मू में 0.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। 

Posted By: Rahul Sharma

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