जम्मू, दिनेश महाजन। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी देश के किसी भी हिस्से में बैठ कर जम्मू रेलवे स्टेशन की लाइव तस्वीरों को देख सकेंगे। स्टेशन में हो रही हर गतिविधि पर रेल अधिकारियों की सीधी नजर रहेगी। जम्मू रेलवे स्टेशन परिसर में फिलहाल चालीस क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरे (सीसीटीवी) कैमरे लगाए गए है, जिसकी मदद से स्टेशन में सुरक्षा बंदोबस्त को पुख्ता बना रहे है। सीसीटीवी कैमरे आधुनिक सुविधा से लैस है, जीपीएस तकनीक से रेलवे के चुनिंदा अधिकारियों के पास इन कैमरों से फुटेज देखने का अधिकार होगा। सीसीटीवी कैमरे आइपी एडरेस से संचालित होंगे।

जम्मू रेलवे स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की मांग लंबे समय से चल रही है। दिल्ली स्थित रेलवे मुख्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्वात लंबे समय से धूल फांक रहा था, लेकिन अब जम्मू रेलवे स्टेशन में 56 नए कैमरे पहुंच गए है, जिनमें से चालीस कैमरों को लगा दिया गया है। इस कैमरों की लाइव तस्वीरों की मदद से संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। बकायदा स्टेशन परिसर में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात रहेंगे। लाइव तस्वीरों में यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना अधिकारियों को दी जाएगी आैर इस तरह अपराध की रोकथाम होगी।

फेस रेकांग्निसशन तकनीक से लैस हैं कैमरे

स्टेशन परिसर में लगाए गए कैमरे फेस रेकांग्निसशन तकनीक से युक्त है। कैमरों के सरवर में किसी की तस्वीर को डाल कर फुटेज के आधार पर फोटो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने की क्षमता कैमरों में है। यह कैमरे दिन और रात के समय बेहतर तस्वीर दे सकते है। कैमरों की फुटेज तीस दिनों तक सुरक्षित रह सकती है। कैमरों को जूम और क्लोज करने की भी क्षमता है।

दो आतंकी हमले झेल चुका रेलवे स्टेशन

वर्ष 2001 और 2004 में जम्मू रेलवे स्टेशन में दो बार आतंकियों ने हमला किया था। इस दौरान कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। जम्मू रेलवे स्टेशन के आसपास कई संवेदनशील इमारतें है। जम्मू रेलवे स्टेशन में धमाका करने की आतंकी कई बार धमकी दे चुके है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन में आपराधित गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भी सीसीटीवी कैमरों की अहम भूमिका है। 

Posted By: Rahul Sharma

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