जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर के विकास को बढ़ावा देने के लिए इस समय दस हजार करोड़ रुपए के निवेश के प्रोजेक्टों पर तेजी से काम हो रहा है। प्रशासन ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में निवेश को बढ़ावा देकर रोजगार के साधन प्रदान करें।

जम्मू कश्मीर के मुख्यसचिव डा अरुण कुमार मेहता ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की बैठक में जम्मू कश्मीर में अब तक हुए निवेश के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मुख्यसचिव को बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में निवेश के साठ हजार करोड़ के निवेश में से 10000 करोड रुपए के औद्योगिक निवेश प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में काम हो रहा है। उन्हें बताया गया कि प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए निवेशक ने अब तक 217 करोड़ रुपए लीज ड्यूटी के रूप में दिए हैं।

सिंगल विंडो सिस्टम को सख्ती से प्रभावी बनाएं : मुख्य सचिव ने उद्योग को बढ़ावा देने की जिम्मेवारी संभालने वाले विभागाें के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सिंगल विंडो सिस्टम को सख्ती से प्रभावी बनाकर सुनिश्चित करें कि निवेशकों को जम्मू कश्मीर में उद्योग स्थापित करने में कोई मुश्किल ना आए। इस दौरान बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए स्थापित हाई लेवल कमेटी ने निवेश के 3300 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें से 1879 को उद्याेग स्थापित करने के लिए लेटर आफ इंटेंट व 260 को लीज डीड दी गई है।

उद्योग लगाने के लिए अब तक 9869 कनाल भूमि उपलब्ध करवाई : प्रदेश में 111 औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए अब तक 9869 कनाल भूमि उपलब्ध करवाई गई है। बैठक में बताया गया कि इस समय उद्योग को बढ़ावा दे रही सिडको व साइकोप ने 22 00 करोड़ की लागत से नहीं इंडस्ट्रियल एस्टेट बनाने संबंधी विभागीय प्रोजेक्ट रिपोर्टों को मंजूरी दी है। इसके साथ दो निजी इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थापित करने के आवेदन भी आए हैं।

Edited By: Rahul Sharma

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