श्रीनगर, रजिया नूर। लॉकडाउन के बावजूद कश्मीर में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। संक्रमितों की संख्या 128 के पार जा पहुंची है। खासकर मध्य और उत्तरी कश्मीर के कई क्षेत्र कोरोना के हॉटस्पॉट बनकर उभर रहे हैं। इसे इत्तेफाक मानें या कुछ और लेकिन दक्षिण कश्मीर तुलनात्मक तौर पर सुरक्षित है। यहां का अनंतनाग जिला फिलहाल संक्रमण से मुक्त हैं। हालांकि शोपियां में संक्रमण फैलने के संकेत दिख रहे हैं।

इसके विपरीत ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में ही 40 लोग कोरोना से संक्रमित हैं और जिले के डेढ़ दर्जन से अधिक इलाके रेड जोन घोषित किए गए हैं। पूरे कश्मीर में रेड जोन की संख्या 50 के करीब है। उत्तरी कश्मीर के बारामुला में 20 और बांडीपोरा में 25 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। बारामुला का उड़ी और बांडीपोर का हाजिन क्षेत्र संक्रमण के बड़े केंद्र बन चुके हैं। खास बात यह है कि उत्तरी कश्मीर के अधिकतर क्षेत्रों में संक्रमण तब्लीगी मरकज से लौटे जमातियों के कारण ही फैला।

कश्मीर में पहले संक्रमण की पुष्टि 18 मार्च को हुई थी। सऊदी अरब से लौटी 65 वर्षीय महिला को पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने इस घातक वायरस पर लगाम के लिए समूची वादी को लॉकडाउन कर दिया। बावजूद इसके संक्रमण तेजी से पांव फैलाता जा रहा है। इस समय तक वादी में संक्रमितों की संख्या 109 पहुंच चुकी है। फिलहाल तीन लोग कोरोना से जंग जीत घर लौट आए हैं जबकि तीन की मौत हो चुकी है। इनमें से दो बारामुला और एक बांडीपोर का निवासी था।

ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने से फैला संक्रमण: संक्रमण का प्रमुख कारण ज्यादातर लोगों द्वारा विदेश यात्रा की जानकारी छिपाना भी रहा। तब्लीगी मरकज से लौटे जमाती भी तेजी से संक्रमण के फैलाव का कारण बने। कश्मीर के छाती रोग विशेषज्ञ डा. नावेद नजीर शाह कहते हैं कि चूंकि जब तक संक्रमण सामने आता है, वायरस का कैरियर कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है। उन्होंने सबसे पहले अपने संपर्क के लोगों और करीबियों में संक्रमण फैलाया।

श्रीनगर के हॉटस्पॉट : श्रीनगर के छत्ताबल में सबसे अधिक संक्रमण है। इस इलाके से अभी तक छह लोग इस घातक वायरस से संक्रमित हैं। लालबाजार इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्य, जिनमें एक व्यक्ति, उसकी दो बेटियां व भतीजा, पॉजिटिव पाए गए हैं। ईदगाह क्षेत्र में संक्रमण मिला है। इसमें 10 साल का बच्चा भी शामिल है। उसके परिवार के सदस्यों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।

  • श्रीनगर में करीब 1700 लोगों को मेडिकल सर्वेलांस में रखा गया है। रेड जोन घोषित इलाकों में सुरक्षा के पूर्ण बंदोबस्त हैं। सील किए गए इलाकों में रहने वालों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं और मेडिकल टीमें भी गश्त लगाती है। - मोहम्मद हनीफ बलखी, श्रीनगर के एडीसी
  • हम यहां हर स्थिति के लिए तैयार हैं। अगर संक्रमित रोगी आते हैं तो हमने पूरी व्यवस्था कर ली है। वादी के अन्य हिस्सों की तरह इन दोनों जिलों में भी लॉकडाउन हैं। - बशीर अहमद, अनंतनाग के उपायुक्त

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस