जम्मू, जेएनएन। अखनूर में सीमा से सटे केरी बटल इलाके में पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए भारी गोलाबारी की। अचानक से की गई इस गोलाबारी का कड़ा जवाब देते हुए भारतीय सेना का एक जवान भी शहीद हो गया। अखनूर में शहीद हुए जवान की अधिकारिक तौर पर पुष्टि हो चुकी है। शहीद जवान की पहचान मानतलाई चिनैनी निवासी राइफलमैन यशपाल के रूप में हुई है। केरी बटल में अभी भी रूक-रूककर गोलाबारी जारी है। वहीं दोपहर बाद करीब 2.45 बजे पाकिस्तानी सैनिकों ने जिला राजौरी के नौशहर सेक्टर में नियंत्रण रेखा से सटे कलाल आैर देंग इलाके में स्थित भारतीय चौकियों पर गोलाबारी शुरू कर दी है।

जम्मू के पीआरओ डिफेंस लेफि्टनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पाक सेना ने जिन भारतीय चौकियों को निशाना बनाया वह अखनूर सेक्टर का केरी बटल इलाका है और यह सुंदरबनी से सटा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस गोलाबारी में कितना नुकसान हुआ है इसकी अभी तक उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। अलबत्ता भारतीय जवान इस गोलाबारी का कड़ा जवाब दे रहे हैं। यह गोलाबारी सुबह 7.30 बजे शुरू हुई। पाकिस्तानी सैनिकों ने केरी बटल में भारतीय चौकियों को निशाना बनाते हुए गोलाबारी करना शुरू कर दी। पहले तो उन्होंने हल्के हथियारों का इस्तेमाल किया परंतु बाद में उन्होंने मोर्टर दागना शुरू कर दिए। ऐसे में भारतीय जवानों ने भी तुरंत अपनी पोजीशन संभालते हुए गोलाबारी का कड़ा जवान देना शुरू कर दिया।

इस दौरान 8 जैकलाई का एक जवान राइफलमैन यशपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया परंतु अपने जख्मों का ताव न सहते हुए उसने वहीं दम तोड़ दिया। शहीद चिनैनी के मानतलाई गांव का रहने वाला था। पाकिस्तान की इस कार्रवाई से सीमा से सटे रिहायशी इलाकों में भी दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह पहले तो यह गोलाबारी 7.30 बजे से 8.30 बजे तक जारी रही। भारतीय जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद यह बंद हो गई। उसके बाद 11.00 बजे के करीब पाकिस्तान ने एक बार फिर भारतीय चौकियों पर गोले दागना शुरू कर दिए। अभी भी दोनों ओर से रूक-रूककर गोलाबारी जारी है।

नौशहरा सेक्टर के कलाल आैर देंग में पाकिस्तान की आेर से की जा रही गोलाबारी का भारतीय जवान मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं।सनद रहे कि पाकिस्तानी सैनिकों ने जनवरी से नियंत्रण रेखा पर 110 से अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।

Posted By: Rahul Sharma