श्रीनगर, जेएनएन। पाकिस्तान ने एक बार फिर सुबह सीजफायर का उल्लंघन किया है। जम्मू और कश्मीर में तंगधार और कंजलवान सेक्टर में पाकिस्तान ने फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलीबारी की है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित नीलम घाटी में भी जब पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए भारतीय चौकियों को निशाना बनाया तो सुरक्षाबलों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय जवानों ने छिलाना, केल, अथमुकाम और शारदा इलाके में गोलाबारी करते हुए पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं अखनूर के पलावांला सेक्टर में देर रात पाकिस्तान की और से शुरू की गोलाबारी का जब भारतीय जवानों ने जवाब दिया तो इस दौरान पाक सेना के दो जवान मारे गए। रक्षा मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है।

सूत्रों का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी चौकियों को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस जवाब के बाद पाकिस्तान की और से गोलाबारी थम गई है परंतु अभी भी रूक-रूककर इन इलाकों में दोनों और से गोलाबारी की जा रही है। पाकिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि गोलाबारी शुरू होते ही सेना ने रिहायशी इलाकों में चेतावनी जारी कर दी थी। सेना की सलाह पर गांव के लोग सुरक्षित स्थानों में चले गए थे।

इसके अलावा पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ कराने के इरादे से अखनूर के पलांवाला इलाके में गत रात गोलाबारी शुरू की थी। रात 10.30 बजे शुरू हुई ये गोलाबारी सुबह 3.00 बजे तक जारी रही। भारतीय जवानों ने यहां भी पाक सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा पाकिस्तानी चौकियों पर बरसाए गए गोलाबारी में दो पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है। बता दें, इस महीने कई बार पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है।

 भारी झटका सहने के बाद सहमी रही पाक सेना, एलओसी रही शांत

जानकारी हो कि उत्तरी कश्मीर में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में भारी नुकसान झेलने के बाद शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना सदमे की स्थिति में रही और नियंत्रण रेखा लगभग शांत रही थी। यहां बता दें कि गुलाम कश्मीर के अथमुकाम में स्थित पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेड मुख्यालय और एसएसजी यूनिट मुख्यालय को भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में काफी नुकसान पहुंचा था और उसके कई सैनिक भी मारे गए थे। साथ ही उसके लांचिंग पैड भी तबाह हो गए थे।

इसके बाद शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे उड़ी, नौगाम, टंगडार, करनाह, बगतूर, गुरेज में दिनभर शांति रही। पाकिस्तानी सेना की तरफ से जंगबंदी के उल्लंघन की भी कोई सूचना नहीं है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी बंदूकें बेशक खामोश रही, इसके बावजूद सभी फील्ड कमांडरों को पूरी तरह सचेत रहने को कहा गया है। एलओसी पार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। पाकिस्तानी सेना किसी भी समय कोई दुस्साहस कर सकती है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना सोमवार से ही उत्तरी कश्मीर में उड़ी से लेकर टंगडार तक भारतीय नागरिक व सैन्य ठिकानों को लगातार निशाना बना रही थी। बुधवार शाम को भारतीय सेना ने सुनियोजित तरीके से पाक के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया और उसका परिणाम गत रोज ही मिल गया। उन्होंने बताया कि एलओसी के पार गुलाम कश्मीर के अथमुकाम और जूरा में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है। उसका ब्रिगेड मुख्यालय क्षतिग्रस्त हुआ है। बेशक पाकिस्तानी सेना ने मारे गए अपने लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उपलब्ध सूचनाओं के मुताबिक उसके कम से कम 10 सैनिक मारे गए हैं।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि हिमपात शुरू हो चुका है और सीमावर्ती इलाकों में कोहरा व धुंध है। इसकी आड़ में वह आतंकियों को भारतीय इलाके में धकेलने का प्रयास करेगी। इसे देखते हुए न सिर्फ घुसपैठरोधी तंत्र में सुधार लाया गया है। साथ ही अग्रिम इलाकों में तैनात सभी सैन्य अधिकारियों को गश्तीदलों, नाका पार्टियों व संतरी पोस्ट पर तैनात जवानों व अधिकारियों की नियमित ब्रीफिंग करने को कहा गया है।

Posted By: Preeti jha

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