जम्मू, राज्य ब्यूरो: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के साथ सीमा पार से आ रहे हथियारों, नशीले पर्दाथों को देश विरोधी तत्वों तक पहुंचाने वाले सीमा सुरक्षा बल के एक जवान को जम्मू संभाग के सीमांत सांबा जिले से रंगे हाथों पकड़ लिया गया है। सीमा सुरक्षा बल की 173 बटालियन की बी कंपनी के इस जवान की पहचान कांस्टेबल सुमित कुमार के रूप में हुई है । वह पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला है।

वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सीधे संपर्क में रहते हुए इस ओर सक्रिय देशविरोधी तत्वों के लिए काम कर रहा था। वह सीमा पार से तस्करों द्वारा लाए जाने वाले हथियारों, नशीले पर्दाथों को पंजाब में सक्रिय देश विरोधी तत्वों को सप्लाई करता था। पंजाब पुलिस काे इस संबंध में मिली पूख्ता सूचना के आधार पर सुमित कुमार को शनिवार रात काे सीमा सुरक्षाबल द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस द्वारा क्षेत्र में हेरोइन की खेप पकड़ने के बाद यह खुलासा हुआ था कि यह कहां से आई थी।

पंजाब पुलिस ने यह जानकारी सीमा सुरक्षा बल जम्मू फ्रंटियर के आईजी एनएस जम्वाल के साथ साझा की। इसके बाद छापा मारकर सुमित को नाका ड्यूटी से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्तौल व इसके 80 राउंड, 12 बोर की बंदूक के राउंड, 2 मैगजीन, एक मोबाइल फोन वह कुछ सिम बरामद हुए। सूत्रों के अनुसार आईजी एनएस जम्वाल व सांबा सेक्टर के डीआईजी सुखदेव राज ने बटालियन मुख्यालय में जवान के साथ पूछताछ की। सीमा सुरक्षा बल के साथ पंजाब पुलिस भी गिरफ्तार किए गए कांस्टेबल से पूछताछ कर रही हैं।

यह जानने की कोशिशें जारी है कि वह इस काम में अकेला था या फिर कछ और लोग भी उसे सहयोग द रहे थे। सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी रैंक के अधिकारी ने जवान की गिरफ्तारी व उससे पिस्तोल, गाेली बारूद बरामद किए जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अभी हम जासूसी के एंगल के बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। वहीं दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि वह जवान इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से सीमा पार देश विरोधी तत्वों के संपर्क में था । यह तय है कि पैसे के लिए देश की सुरक्षा के साथ समझौता करने वाला यह कांस्टेबल सीमा पार सुरक्षा संबंधी जानकारी भी देता था।

इसी बीच जवान से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई के चलते रविवार को पंजाब पुलिस व सीमा सुरक्षाबल की जी ब्रांच की टीम उसे लेकर पंजाब के जालंधर रवाना हो गई। सीमा पार से आने वाले सामान को पंजाब भेजा जाता था। ऐसे में उसकी निशानदेही पर कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।

कैसे करता था काम: पाकिस्तान के लिए काम करने वाला सीमा प्रहरी अपने मोबाईल पर देश के दुश्मनों के साथ संपर्क में था। पाकिस्तान की इंटेलीजेंसी के कर्मी काफी समय से उससे फोन पर खुफियां जानकारियां लेते थे। तय योजना के तहत पाकिस्तान के जासूस अग्रिम चौकी के करीब उस जगह सामान पहुंचाते थे यहां पर यह जवान तैनात होता था। सुमित इस सामान को वहां से लेकर कहीं छिपा देता था। सूत्रों के अनुसार मौका मिलते ही खुफिया एजेंसी के संपर्क में रहने वाले पंजाब के कुछ लोग उसके पास आकर यह सामान ले जाते थे। सुमित वर्ष 2018 से सांबा के मंगू चक्क पोस्ट पर तैनात था। दुश्मन से उसकी पहचान पुरानी थी, ऐसे में वह काफी समय से बार्डर तस्करों द्वारा लाया गए सामान को आगे सप्लाई करने के धंधे में शामिल था। 

Posted By: Rahul Sharma

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