श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : कश्मीर में हालात खराब करने के मंसूबों के धराशायी होने से हताश पाकिस्तान आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए आइबी से लेकर एलओसी तक संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। बीएसएफ के महानिरीक्षक अजमल सिंह ने सोमवार को कहा कि घाटी में आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए ही पाकिस्तानी सेना द्वारा एलओसी पर स्थित भारतीय सैन्य ठिकानों और रिहायशी इलाकों पर गोलाबारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एलओसी पर तैनात सेना और बीएसएफ के जवान पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।

बीएसएफ महानिरीक्षक ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि जब भी एलओसी पर घुसपैठ होती है तब पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी शुरू हो जाती है। आतंकियों की सुरक्षित घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान ऐसा करता है। उन्होंने अनुच्छेद 370 की समाप्ति को संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं से जोड़ने पर कहा कि दोनों में कोई संबंध नहीं है। सरहदी इलाकों में स्थिति ठीक है और पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है।

एलओसी और और आइबी पर पाक द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान बीते कई सालों से ऐसा कर रहा है। हर बार उसे मुंह की खानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ को काफी हद तक काबू कर लिया गया है, लेकिन एलओसी के पार कई लांचिंग पैड सक्रिय हैं जहां बड़ी संख्या में आतंकी घुसपैठ के लिए बैठे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि आतंकियों का आंकड़ा उनके पास नहीं है। वहां कई आतंकी हैं जो घुसपैठ के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

जवानों की तैनाती बदलना नियमित प्रक्रिया

केंद्र शासित जम्मू कश्मीर राज्य से सुरक्षाबलों विशेषकर बीएसएफ की कुछ टुकड़ियों को हटाए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जवानों की तैनाती या उन्हें एक जगह से दूसरी जगह तैनात करना एक नियमित प्रक्रिया है। देश में चुनावों के समय भी ऐसा होता है और इस समय भी कई जगह चुनावों की प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में कश्मीर में हालात पूरी तरह सामान्य हैं, शांति बहाल है। कोई बड़ी मुठभेड़ नहीं हो रही है।

आतंकियों पर सैटेलाइट फोन होना नई बात नहीं

आतंकियों द्वारा सैटेलाइट फोन के इस्तेमाल पर बीएसएफ महानिरीक्षक ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। आतंकी बहुत पहले से इनका इस्तेमाल करते आए हैं। हमारे पास भी सैटेलाइट फोन हैं, हम भी इस्तेमाल करते हैं। हमारे पास वह तकनीक भी है, जिसके द्वारा हम आतंकियों द्वारा किसी भी माध्यम के जरिए आपस में की जाने वाली बातचीत को सुन सकते हैं, रिकार्ड कर सकते हैं। आतंकियों के पास सैटेलाइट फोन की मौजूदगी से घबराने की जरूरत नहीं है। हम किसी भी स्थिति से निपटने में पूरी तरह समर्थ हैं। तकनीक के मामले में हम पाकिस्तान से कई गुना आगे हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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