विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

BRICS में गूंजा पहलगाम का दर्द: पास हुई 'जीरो टॉलरेंस' नीति, ऐशान्या द्विवेदी बोलीं- 'बर्बाद नहीं गया बलिदान'

Published: Sun, 13 Sep 2026 01:09 PM (IST)

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में पहलगाम आतंकी हमले पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई गई, जिसकी दिल्ली घोषणापत्र में कड़ी निंदा की गई।

BRICS सम्मेलन 2026 में छाया पहलगाम आतंकी हमला।

BRICS सम्मेलन 2026 में छाया पहलगाम आतंकी हमला।

HighLights

  1. ब्रिक्स में पहलगाम हमले पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति सर्वसम्मति से पास हुई

  2. दिल्ली घोषणापत्र 2026 में 22 अप्रैल 2025 के हमले की निंदा की गई

  3. शहीद शुभम की पत्नी ने कहा, बलिदान व्यर्थ नहीं गया

जम्मू-कश्मीर। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से मंजूर किए गए 'दिल्ली घोषणापत्र 2026' में आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए 22 अप्रैल 2025 को हुए इस बर्बर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के इस कड़े रुख और आतंकवाद के खिलाफ मिली बड़ी सफलता के बाद हमले में अपनी जान गंवाने वाले 26 लोगों के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या का छलका दर्द

पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम की सराहना करते हुए खुले दिल से धन्यवाद दिया। ऐशान्या ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं उन सभी 26 परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री जी का शुक्रिया अदा करती हूं।

ब्रिक्स जैसे बड़े वैश्विक मंच पर आतंकवाद के मुद्दे को उठाकर भारत ने यह साबित कर दिया है कि हमारे अपनों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। 'ऑपरेशन सिंदूर' से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की घेराबंदी तक, सरकार ने यह साफ कर दिया है कि देश की महिलाओं का सिंदूर उजाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।"

ऐशान्या ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्म की आड़ में निर्दोषों की हत्या करने वाले आतंकियों और उन्हें पनाह देने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

चीन-रूस समेत सदस्य देशों ने की निंदा

नई दिल्ली घोषणापत्र के बिंदु संख्या 40 में पहलगाम हमले को आपराधिक व अनुचित ठहराते हुए इसका विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। घोषणापत्र में कहा गया कि किसी भी परिस्थिति या मंशा के तहत आतंकवाद को जायज नहीं ठहराया जा सकता।

चीन और रूस समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों ने 26 निर्दोषों की जान लेने वाले इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके साथ ही ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (CTWG) और उसके उप-समूहों के जरिए वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई को और सख्त बनाने का संकल्प लिया गया।

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में त्योहारी सीजन से पहले ऑटोमोबाइल सेक्टर में बूम! अगस्त में 21,788 गाड़ियां बिकीं, कारों की डिमांड