जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर का नया भाजपा अध्यक्ष चुनने के लिए पार्टी हाईकमान ने दो पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। जल्द चुनाव की तिथि का भी फैसला हो जाएगा। भाजपा हाईकमान ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरूण चुग को जम्मू कश्मीर में संगठनात्मक चुनाव के अंतिम चरण का पर्यवेक्षक बनाया है। इसी चरण में चुनाव होंगे।

भाजपा हाईकमान के फैसले की घोषणा दिल्ली में संगठनात्मक चुनाव के राष्ट्रीय प्रभारी राधा मोहन ने कर दी है। प्रदेश भाजपा ने जिला प्रधान के चुनाव संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी को लिखा था कि प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की तिथि तय करने के साथ चुनाव पर्यवेक्षक का जल्द फैसला किया जाए। प्रदेश भाजपा जम्मू संभाग के अपने 17 में से 15 जिलों में चुनाव करवाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष चुनने के लिए योग्य हो गई थी।

संगठनात्मक चुनाव के राज्य प्रभारी विरेन्द्रजीत सिंह ने जागरण को बताया कि पर्यवेक्षक चुने जाने के बाद अब तिथि की घोषणा का इंतजार है। चुनाव के लिए हमारी पूरी तैयारी है। 15 जिला प्रधानों के साथ विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।

मोदी से मिलने पहुंचे लेह-कारगिल के नेता

लद्दाख के तेज विकास के मुद्दों को लेकर लेह और कारगिल के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचा है। संविधान के छठे अनुच्छेद के अनुसार लद्दाख को जनजातीय क्षेत्र घोषित करना प्रतिनिधिमंडल का मुख्य मुद्दा होगा। प्रधानमंत्री से लद्दाख के मुद्दे उठाने के लिए क्षेत्र के नेताओं के इस दल में लद्दाख ऑटोनामस हिल डेवलपमेंट काउंसिल लेह के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंलिसर ग्याल पी वांग्याल, लद्दाख के सांसद जामियांग त्सीरिंग नांग्याल, कारगिल हिल काउंसिल के एग्जीक्यूटिव काउंसिलर के साथ कुछ समय पहले भाजपा में शामिल हुए पूर्व एमएमलसी हाजी इनायत अली मुख्य है।

दल में लद्दाख के कारगिल जिले के अन्य कुछ प्रतिनिधि भी शामिल हैं। दिल्ली पहुंचे लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल में शामिल 20 प्रतिनिधियों में लद्दाख के कुछ धर्म गुरु भी शामिल हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री को लद्दाख के मसलों संबंधी ज्ञापन भी भेजा था। अब वे पीएम के समक्ष लद्दाख की संस्कृति, जमीन, पहचान बचाने जैसे मुद्दे उजागर करेंगे।

प्रतिनिधमंडल के एक सदस्य ने जागरण को बताया कि पीएम के समक्ष लद्दाख के लोगों के हितों का संरक्षण मुख्य मुद्दा होगा। केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख की समृद्ध संस्कृति, विरासत, भूमि संबंधी मामलों में क्षेत्र के लोगों के हितों का संरक्षण हो। इसके साथ विकास को तेजी देने के साथ लद्दाख के लेह व कारगिल जिलों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कदम उठाने की जरूरत है।

Posted By: Rahul Sharma

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