जम्मू: जिस घर में ब्याही गई, उसी आंगन में जली चिता; बिलावर में 25 साल की सोनी की मौत पर फूटा मायकेवालों का गुस्सा
बिलावर में 25 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत पर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए ...और पढ़ें

कटनी स्थित मृतका के ससुराल के आंगन में शव को जलाते लोग।
HighLights
विवाहिता की संदिग्ध मौत पर मायके पक्ष का हंगामा।
ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और साजिश के आरोप।
पुलिस आश्वासन के बाद ससुराल के आंगन में अंतिम संस्कार।
जागरण संवाददाता, बिलावर। बिलावर के परनाला के कटनी निवासी 25 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला बुधवार को उस समय गरमा गया, जब मृतका के नगरोटा से पहुंचे मायके पक्ष के सैकड़ो की संख्या में लोगों ने बिलावर उपजिला अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। नगरोटा से पहुंचे मायके वालों ने अपनी बेटी की मौत को संदिग्ध करार देते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप था कि उनकी बेटी को पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी हुई है और उसकी मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई है।
मामले की निष्पक्ष जांच और बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मायके पक्ष के लोगों ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। मृतका सोनी देवी की मौत की सूचना मिलते ही नगरोटा से उसके मायके पक्ष के लोग बिलावर उपजिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में बेटी का शव देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने ससुराल पक्ष पर बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए उसकी मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई। प्रदर्शन कर रहे परिजनों का कहना था कि उनकी बेटी पिछले तीन वर्षों से परेशान थी, लेकिन अब उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। ऐसे में पूरे मामले की गहनता से जांच होना जरूरी है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
दोषियों को सामने लाने की मांग पर अड़े रहे परिजन
बुधवार सुबह बिलावर पुलिस द्वारा मेडिकल बोर्ड गठित कर मृतका का पोस्टमार्टम करवाया गया, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। हालांकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी मायके पक्ष के लोग शव को अपने कब्जे में लेने के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि जब तक उनकी बेटी की मौत के जिम्मेदार लोगों को उनके सामने नहीं लाया जाता और मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया जाता, तब तक वे शव नहीं ले जाएंगे।
इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने कई बार विरोध क कर रहे मृतका के ससुराल पक्ष के लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। दोपहर करीब दो बजे तक उपजिला अस्पताल परिसर में मायके पक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
थाना प्रभारी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी बिलावर इंस्पेक्टर जाहिर मुश्ताक शव को उप जिला अस्पताल से उठाने से विरोध कर रहे कर रहे मायके पक्ष के लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने परिजनों की बात गंभीरता से सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि सोनी देवी की मौत से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करेगी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उन्होंने परिजनों को यह भी भरोसा दिलाया कि वे पुलिस थाने पहुंचकर मामले की जांच की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पुलिस के इस आश्वासन के बाद मायके पक्ष के लोग शांत हुए और शव के अंतिम संस्कार के लिए कटनी, परनाला स्थित ससुराल रवाना हो गए।
ससुराल के आंगन में शव को जलाया
जहां पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद मायके के लोग शांत हो गए और मृतका सोनी देवी के शव को उप जिला अस्पताल से अंतिम संस्कार के लिए पुलिस की निगरानी में कटनी लेकर गए ससुराल पक्ष हिंदू रिवाज के तहत अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे।
सैकड़ों की संख्या में कटनी पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने कटनी स्थित सोनी देवी के ससुराल स्थित घर के आंगन में ही चिता तैयार की गई और सोनी देवी के शव को जलाया।
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