जम्मू, राज्य ब्यूरो।जम्मू-कश्मीर में सरकार आयुष अस्पतालों का विस्तार करने जा रही है। हर जिले में पचास बिस्तरों की क्षमता वाला एक आयुष अस्पताल बनाने की तैयारी है। इसके लिए सभी जिलों में जमीन देखने को कहा गया है।कुछ जिलों में पहले से ही इन अस्पतालों का काम जारी है। यह जानकारी इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसीन के निदेशक डाॅ. मोहन सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि कई जिलों में वह निर्माणाधीन अस्पतालों का निरीक्षण भी कर चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने अभी तक पांच जिलों के लिए पचास-पचास बिस्तरों की क्षमता वाले आयुष अस्पताल मंजूर किए हैं। इनमें कुपवाड़ा और कुलगाम में अस्पतालों का काम शुरू हो गया है। इसके लिए फंड भी जारी कर दिए गए हैं। वहीं आयुष मंत्रालय ने बांडीपोरा, अनतंनाग और सांबा में भी तीन अस्पताल मंजूर किए हैं। ये तीनों अस्पताल भी पचास-पचास बिस्तरों की क्षमता वाले होंगे। अन्य पंद्रह जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से आयुष अस्पताल बनाए जा रहे हैं। अभी इस समय सिर्फ शालामार में ही एक आयुर्वेद अस्पताल है।

एक अस्पताल अखनूर में बनाया गया है। यह अस्पताल आयुर्वेद काॅलेज का सहायक अस्पताल है। अन्य जिलों में वषों से सिर्फ डिस्पेंसरियां ही काम कर रही हैं। उनमें भी स्टाफ की कमी बनी हुई है। अब जम्मू-कश्मीर में आयुष का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए हाल ही में तीन सौ कनाल भूमि चिह्नित कर आइएसएम विभाग को सौंपी गई है। इसमें बांडीपोरा, कुपवाड़ा, कुलगाम और गांदरबल में 50-50 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पतालों का निर्माण करने के अलावा मेडिसनल प्लांट नर्सरी भी बनाई जाएंगी।

इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के डायरेक्टर डाॅ. मोहन सिंह ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विभिन्न जिलों का दौरा कर आयुष को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की है। नेशनल आयुष मिशन, नाबार्ड के तहत कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं।जिला आयूष समितियां बनाई जा रही हैं। आयूष अस्पतालों के अलावा भी इस क्षेत्र में आने वाले दिनों में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। 

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