जम्मू, जेएनएन : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय जम्मू-कश्मीर दौरे के बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने दोहराया कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव पहले कराया जाना चाहिए उसके बाद परिसीमन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के नेताओं को अपने आवास पर आमंत्रित किया था तो उन्होंने मांग की थी कि हम राज्य का दर्जा चुनाव से पहले चाहते हैं। अन्य दलों ने भी यह मांग उठाई थी। तब गृहमंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया था कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा।

रविवार को एक समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान जम्मू कश्मीर के पूूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दोनों से अनुरोध किया था कि हम उनके आभारी रहेंगे यदि जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर को दो भागों में विभाजित नहीं किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा कर दिया गया। अब यह गलती नहीं की जानी चाहिए कि चुनाव के बाद राज्य का दर्जा दिया जाए।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि श्रीनगर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वही बात दोहराया है कि पहले परिसीमन का काम पूरा करेंगे उसके बाद राज्य का दर्जा बहाल कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारी आज भी मांग है कि पहले राज्य का दर्जा दिया जाए और उसके बाद ही विधानसभा चुनाव हो।

दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन शनिवार को श्रीनगर पहुंचे थे। वहां शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सामने प्रदेश के 4500 युवा क्लबों के सदस्यों को संबोधित किया था। इस दौरान शाह ने कहा था कि वह कश्मीर के युवाओं से दोस्ती करने आए हैं। कश्मीर के विकास यात्रा में युवाओं को सहभागी बनने का आह्वान किया था। यह भी कहा था कि जल्द ही जम्मू कश्मीर के परिसीमन का काम पूरा होगा। उसके बाद राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा।