श्रीनगर, प्रेट्र। राज्य प्रशासन ने हालात की समीक्षा के बाद वीरवार को कश्मीर में नजरबंद तीन और राजनेताओं को रिहा करने का फैसला किया है। इनमें यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोयब लोन शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इन नेताओं को बांड भरने के बाद रिहा किया जाएगा, जिसके तहत वह रिहा होने के बाद कोई ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे शांति भंग हो।

यावर मीर रफियाबाद विधानसभा सीट से पीडीपी के पूर्व विधायक हैं। शोयब लोन ने उत्तरी कश्मीर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और असफल रहे थे। बाद में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्हें पीपुल्स कांफ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन का करीबी माना जाता था। वहीं नूर मोहम्मद नेकां कार्यकर्ता हैं। 

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला सहित जम्मू कश्मीर के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं को घर में नजरबंद हैं।

पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रमुख रविंद्र रैना ने कहा था शाह ने 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने पर राज्यसभा में सदन के पटल पर एक बयान दिया था, उस दिन फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ कोई मामला नहीं था। लेकिन कुछ दिनों के बीतने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट दी की कि उनकी वजह कश्मीर घाटी में परेशानी उत्तपन्न हो सकती है और यही कारण था कि सुरक्षा एजेंसियों ने आवश्यक कार्रवाई की। देश को तोड़ने की कोशिश करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा शाह का फारूक अब्दुल्ला सहित किसी भी नेता के खिलाफ कार्रवाई में कोई भूमिका नहीं है।

रैना ने कहा था एक बात साफ है,  कोई भी देश को तोड़ने, राष्ट्र को विभाजित करने, युवाओं को उकसाने की कोशिश करता है तो उसे कभी नहीं बख्शा जाएगा और कानून अपना रास्ता अपनाएगा।

Posted By: Preeti jha

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