विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जम्मू के किसानों ने आजमाया नया दांव, बासमती के बाद अब आलू से चमकेगी किस्मत; अरनिया में 135 एकड़ में खेती

Published: Wed, 04 Nov 2026 07:00 AM (IST)

अरनिया में आधुनिक तकनीक से आलू की खेती शुरू हुई है, जिससे सीमावर्ती किसानों की आय में वृद्धि हो रही ...और पढ़ें

अरनिया में आलू की खेती का दायरा बढ़ा रहे किसान। (फाइल फोटो)

अरनिया में आलू की खेती का दायरा बढ़ा रहे किसान। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अरनिया में आधुनिक तकनीक से आलू की बिजाई का शुभारंभ।

  2. बसंत सिंह सैनी ने 135 एकड़ में आलू की खेती की।

  3. 300 किसानों को मिली प्रेरणा, आय में वृद्धि की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, बिश्नाह। सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और पारंपरिक खेती के साथ आय के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में अरनिया में आलू की खेती नई उम्मीद बनकर उभर रही है। सोमवार को गांव अरनिया में कृषि विभाग की ओर से आलू की बिजाई का शुभारंभ कर दिया गया। इस दौरान किसान एडवाइजरी बोर्ड की सचिव नुज़हत गुल और उपजिला कृषि अधिकारी अरुण जराल ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और खेती में आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी हासिल की।

इस मौके पर सीमावर्ती क्षेत्र में आलू की खेती को नई पहचान देने वाले प्रगतिशील किसान बसंत सिंह सैनी की पहल चर्चा का केंद्र रही। उन्होंने करीब 135 एकड़ भूमि पर आलू की विभिन्न किस्मों की खेती शुरू की है।

उनकी इस पहल से लगभग 300 किसान जुड़ चुके हैं, जो क्षेत्र में आलू की खेती को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आधुनिक मशीन से कम समय और कम खर्च में बिजाई

किसान बसंत सिंह सैनी ने बताया कि खेती में मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत को देखते हुए उन्होंने करीब पांच लाख रुपये की आधुनिक आलू बिजाई मशीन खरीदी है। इस मशीन से एक घंटे में लगभग एक एकड़ भूमि पर आलू की बिजाई की जा सकती है।

इससे किसानों का समय बचने के साथ मजदूरी का खर्च भी कम होता है और बड़े क्षेत्र में खेती करना आसान बनता है। उन्होंने बताया कि खेतों में संधूरी, कुफरी, पुष्कर सहित कई किस्मों के आलू लगाए गए हैं। उनका प्रयास है कि सीमावर्ती क्षेत्र के किसान भी आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को लाभकारी बना सकें।

किसानों की मेहनत और बासमती की गुणवत्ता देखकर खुश हुईं सचिव

किसान एडवाइजरी बोर्ड की सचिव नुज़हत गुल ने आरनिया क्षेत्र का दौरा कर किसानों की मेहनत और बासमती की फसल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में किसानों द्वारा आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को नई दिशा देना सराहनीय है।

बसंत सिंह सैनी द्वारा 135 एकड़ में आलू की खेती करना और अन्य किसानों को इस मुहिम से जोड़ना क्षेत्र के कृषि विकास के लिए सकारात्मक पहल है।

उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत को कम किया जा सके और किसानों की आमदनी में वृद्धि हो। इस अवसर पर उपजिला कृषि अधिकारी अरुण जराल, रवि भूषण, देव राज सहित कृषि विभाग के अधिकारी और क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।