विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'कुर्सी के लिए नहीं, कश्मीरियों से...'; 3 नवंबर को NC और सांसद पद से इस्तीफा देंगे आगा रुहल्ला; पार्टी पर साधा निशाना

Published: Sun, 01 Nov 2026 05:00 AM (IST)

नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद रुहुल्लाह मेहदी ने 3 नवंबर को पार्टी और लोकसभा पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। ...और पढ़ें

NC के बागी सांसद आगा रुहल्ला। फाइल फोटो

NC के बागी सांसद आगा रुहल्ला। फाइल फोटो

HighLights

  1. रुहुल्लाह मेहदी 3 नवंबर को नेकां और सांसद पद छोड़ेंगे।

  2. नेतृत्व पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया।

  3. कश्मीरियों के वादों और सिद्धांतों के लिए है यह लड़ाई।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। नेशनल कान्फ्रेंस (नेकां) के भीतर चुनावी वादों को लेकर उभरा असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने दो टूक कहा है कि वह तीन नवंबर को पार्टी की सदस्यता और लोकसभा सांसद पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले पर कायम हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फैसले पर पुनर्विचार की गुंजाइश तभी बनेगी, जब पार्टी नेतृत्व पिछले दो वर्षों की अपनी विफलताओं को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे, जनता से माफी मांगे और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।

रुहुल्ला ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी पद या राजनीतिक कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि कश्मीरियों से किए गए वादों और राजनीतिक सिद्धांतों के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से अनुच्छेद 370 की बहाली, संवैधानिक अधिकारों की पुनर्स्थापना, आरक्षण नीति में बदलाव और जेलों में बंद कैदियों की रिहाई जैसे मुद्दों पर जो भरोसा दिलाया गया था, पार्टी सत्ता में आने के बाद उन पर अपेक्षित कदम नहीं उठा सकी।

बंद कमरों में चर्चा और आश्वासन से काम नहीं चलेगा

उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सवाल किया कि आखिर जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं हुई। रुहुल्ला के अनुसार, केवल बंद कमरों में चर्चा और आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी। साथ ही, पार्टी को निजी हितों के लिए इस्तेमाल कर जनहित के मुद्दों को पीछे धकेलने वालों की जवाबदेही तय करनी होगी और उन्हें महत्वपूर्ण पदों से हटाना होगा।

उन्होंने फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयानों पर भी सवाल उठाए और अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर पार्टी की प्रतिबद्धता पर संदेह जताया। रुहुल्ला ने कहा कि यदि नेतृत्व अपनी गलतियों को स्वीकार कर जनता का विश्वास बहाल करने के लिए वास्तविक कदम उठाता है, तभी वह अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें मौजूदा नेतृत्व से ऐसी पहल की उम्मीद कम है।

'हम किसी विधायक के संपर्क में नहीं'

नेकां में बढ़ती नाराजगी और विधायकों के असंतोष पर उन्होंने कहा कि सरकार को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार गिराने के लिए खरीद-फरोख्त की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी विधायक के संपर्क में नहीं हैं और न ही किसी को पार्टी छोड़ने के लिए कह रहे हैं। जो उनके साथ आना चाहते हैं, वे अपनी इच्छा से फैसला लें। वह पार्टी तोड़ने में विश्वास नहीं रखते।

रुहुल्ला ने बताया कि तीन नवंबर को अपने पिता बलिदानी आगा सैयद मेहदी की बरसी पर वह बडगाम के बेहिश्त-ए-जहरा पार्क में जनसभा को संबोधित करेंगे और अपने इस्तीफे के फैसले को अमलीजामा पहनाएंगे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।