जम्मू, राज्य ब्यूरो। जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों (डीजीपीसी) के चुनाव के बाद अब जम्मू कश्मीर गुरुद्वारा प्रबंधक बोर्ड का गठन होगा। जम्मू कश्मीर में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के चुनाव 27 जून को हुए थे। उसके बाद अधिकतर कमेटियों ने प्रधान सहित अन्य पदाधिकारियों का चयन कर लिया है। अब राजस्व विभाग जल्द गुरुद्वारा प्रबंधक बोर्ड के चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा।

जम्मू-कश्मीर में 190 हलकों के लिए चुनाव होने तय हुए थे जिसमें134 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। 55 हलकों के लिए चुनाव करवाए गए जिसमें 40 जम्मू व 15 कश्मीर से थे। जम्मू कश्मीर गुरुद्वारा कानून के बोर्ड के लिए 7 सदस्य कश्मीर संभाग व 8 सदस्य जम्मू संभाग के लिए चुने जाने है। बोर्ड के पदाधिकारियों में प्रधान, दो उपप्रधान एक जम्मू व एक कश्मीर से, सचिव, संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष होते हैं। बोर्ड के चुनाव में सिर्फ जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के चुने हुए प्रतिनिधि ही मतदान कर सकते हैं।

कमेटियों का गठन होने के साथ ही अब बोर्ड के चुनाव के लिए राजनीत तेज हो गई है। इसमें कोई भी उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकता है चाहे वह किसी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का सदस्य हो या न हो। इसलिए विभिन्न सिख संगठनों के सक्रिय नेता बोर्ड चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। गुरुद्वारा कानून के तहत गुरुद्वारा बोर्ड सर्वोच्च बाडी है जो कमेटियों के ऊपर काम करती है। जिस तरह से कमेटियों में कई नए चेहरे, नौजवान सामने आए हैं इस तरह से बोर्ड में भी नए चेहरे सामने आएंगे। बोर्ड के चुनाव के लिए गुरुद्वारों में बैठकें हो रही है। डेरा नंगाली साहिब के महंत मंजीत सिंह का आशीर्वाद प्राप्त उम्मीदवार जिला कमेटियों में भी चुनाव लड़ चुके है। इस तरह से अब बोर्ड में भी ऐसे ही उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में आएंगे।

पुरानी सभी जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों का आडिट जरूरी

ऑल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन जगमोहन सिंह रैना ने कहा कि समय पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों का आडिट किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में रैना ने आरोप लगाया कि पूर्व जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के कुछ सदस्यों ने वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया। लोग इनकी सच्चाई को जानना चाहते हैं। नई जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के चुने गए प्रतिनिधियों को मुबारक बाद देते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कुछ लोगों ने संबंधित डिप्टी कमिश्नरों से संपर्क किया था। हमारी मांग है कि पुरानी सभी जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों का आडिट किया जाना चाहिए। सभी नए सदस्यों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गुरुद्वारों के बेहतर प्रबंधन के लिए कदम उठाने चाहिए।  

Edited By: Vikas Abrol