जम्मू, जागरण संवाददाता : आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार पर आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। आप का कहना है कि सरकार इन फ्रंटलाइन कर्मचारियों को कोई महत्व नहीं दे रही है, जबकि सच्चाई रही है कि ये आंगनबाड़ी सेविकाएं अपना कर्तव्य निष्ठा से निभा रहे हैं। आप नेता डा. नवाब ने आम आदमी पार्टी के कश्मीर कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर पत्रकारवार्ता को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने इन वर्कर्स को भगवान के भरोसे छोड़ने का आरोप सरकार पर लगाया।

उन्होंने कहा कि आइसीडीएस के तहत आने वाली आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं एक फ्रंटलाइन वर्कर हैं, जिन्हें विभिन्न कार्य दिए जाते हैं। इन वर्कर्स की सेवा फील्ड डेटा का संग्रह, जन जागरूकता, आंगनबाड़ी केंद्र चलाना और यहां तक कि उनकी सेवाओं का उपयोग कोविड-19 टीकाकरण अवधि के दौरान भी ली गई, लेकिन अफसोस की बात है कि इन वर्कर्स को उनकी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनसे इतना काम करवाने के बाद भी वेतन के नाम पर इतने कम पैसे दिए जाते हैं और वह भी कई महीनों के अंतराल के बाद जारी किया जाता है।

डा. नवाब ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र चलाने के लिए ये सेविकाएं और सहायिकाएं अपने निजी घरों में आंगनबाड़ी केंद्र चला रहे हैं लेकिन उन्हें मकानों का किराया भी नहीं दिया जा रहा है। आप नेता ने जम्मू-कश्मीर सरकार से मांग की कि वह आंगनबाड़ी वर्कर्स के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने सरकार से इनको सारे लाभ प्रदान करने चाहिए, जिसमें चिकित्सा अवकाश, कर्मचारियों को पेंशन और अनुग्रह राशि, नियमितीकरण प्रक्रिया, पदोन्नति, टीए और डीए के साथ-साथ शीतकालीन अवकाश शामिल है भी देने को कहा। आप नेता ने जम्मू कश्मीर सरकार से दिल्ली में आंगनबाड़ी नीति पर एक नज़र डालने और उससे सीख लेने का सुझाव दिया।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra

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