रामगढ़, संवाद सहयोगी । धान की फसल लगाने के लिए सब सेक्टर रामगढ़ के किसानों को पेश आ रही कमी अब कुछ हद तक दूर हुई है। पडोसी राज्य बिहार से श्रमिकों को लाने के लिए रामगढ़ से भेजी गई बस रविवार देर शाम वापस लौटी। बिहार भेजी बस के माध्यम से जो मजदूरों का जत्था सीमांत क्षेत्र पहुंचा उसकी अलग-अलग टोलियां फसल लगाने के लिए क्षेत्र के कोने-कोने पहुंच गईं।

यही नहीं रामगढ़ पहुंचे मजदूरों की सेहत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में उनके कोविड-19 टेस्ट भी करवाए गए। सभी मजदूरों की कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही उनको सीमांत क्षेत्र रामगढ़ पहुंचाया गया। सीमांत क्षेत्र पहुंचे श्रमिक के दल को लेकर बीडीसी अध्यक्ष रामगढ़ दर्शन सिंह काला ने इसे किसानों के लिए राहत की सौगात करार दिया। साथ ही कहा कि अब सीमांत क्षेत्र रामगढ़ के विभिन्न गांव पंचायतों में धान लगाने के काम में तेजी आएगी और जल्द ही इस काम को पूरा करके श्रमिकों का दल अपने स्वराज्य बिहार लौट जाएगा।

गौरतलब है कि गत सप्ताह कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते खरीफ फसल लगाने के लिए सीमांत किसानों को पेश आ रही प्रवासी श्रमिक की कमी दूर करने के लिए रामगढ़ से निजी बस को बिहार भेजा गया था।

गत सोमवार को सब सेक्टर रामगढ़ के नामी किसानाें का विशेष शिष्टमंडल बीडीसी अध्यक्ष रामगढ़ चौधरी दर्शन सिंह काला से मिला था। किसानों ने बीडीसी अध्यक्ष के सामने फसल लगाने के लिए पेश आ रही मजदूरों की कमी प्राथमिकता से उठाई थी। इस समस्या पर गौर करते हुए उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों एवं किसानों के साथ मिलकर योजना बनाई और मजदूर मंगवाने के लिए एक बस अपने स्तर पर बिहार भेजी थी। किसानों ने बीडीसी अध्यक्ष के इस प्लान पर सहमति जताई और डेढ़ लाख रूपये जमा करके निजी बस को मजदूर लाने के लिए बिहार भेजा गया था। बिहार भेजी गई निजी बस अगले आज रामगढ़ पहुंची।

Edited By: Vikas Abrol