श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर के समग्र आर्थिक विकास के लिए करवाए जा रहे वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन को सफल बनाने की प्रदेश प्रशासन की कवायद रंग लाती दिख रही है। वीरवार को दक्षिण भारत के चेन्नई में 90 से ज्यादा नामी उद्योगपतियों और पूंजीपतियों ने विभिन्न क्षेत्रों में 1140 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर करने की इच्छा जताई है।

जम्मू कश्मीर को एक आदर्श औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर प्रचारित करने के लिए प्रशासन ने वीरवार को चेन्नई में रोड शो किया। इससे पहले बेंगलुरु, कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद में रोड शो हो चुके हैं। सोमवार को अहमदाबाद में रोड शो होगा। रोड शो जम्मू कश्मीर ट्रेड प्रोमोशन आर्गेनाईजेशन द्वारा प्राइसवॉटर हॉउस कूपर, इर्नेस्ट एंड यंग और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर किए जा रहे हैं। रोड शो की शुरुआत में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के आह्वान पर आधारित पांच मिनट की एक शॉर्ट फिल्म दिखाई गई।

रोड शो में उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा के नेतृत्व में वित्तायुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अटल डुल्लु, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव बिपुल पाठक, उपायुक्त बडग़ाम तारिक हुसैन गनई, निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग अनु मल्होत्रा, निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य कश्मीर महमूद अहमद शाह, निदेशक दस्तकारी मुसर्रत इस्लाम के अलावा जम्मू कश्मीर में इकाईयां चलाने वाली कंपनियों में कंवल स्पाईस, अनफार आर्गेनिक, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्टस के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने भौगोलिक, सामाजिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि जम्मू कश्मीर में निवेश को लाभप्रद करार दिया।

शर्मा ने कहा कि जम्मू कश्मीरी में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल है। टूअर एंड ट्रैवल, दवा निर्माण, बागवानी, आयुष और ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की खूब संभावना है। इनमें निवेश के जरिए जम्मू कश्मीर के शेष देश से और ज्यादा एकीकृत करते हुए रिश्तों को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, निवेशकों को पहले अवसर प्राप्त कर, मौके का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने उद्योगों के लिए लैंड बैंक का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में औद्योगिक निवेश के लिए कई रियायतें और पैकेज भी लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि चेन्नई के निवेशकों को जम्मू कश्मीर में सुरक्षित माहौल मिलेगा।

जम्मू कश्मीर में औद्योगक हब बनने की क्षमता

वित्तायुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अटल डुल्लु ने कहा कि जम्मू कश्मीर में सेब, अखरोट और केसर की खेती सहित बागवानी में खूब संभावनाएं हैं और एक बड़ा औद्योगक हब बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के लिए मेडिकल टूरिज्म पर एक प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल नीति तैयार की है। इसके तहत निवेश की इच्छुक निजी कंपनियों को मामूली दरों पर इक्विटी के तौर पर जमीन उपलब्ध कराएंगे। निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग जम्मू अनु मल्हौत्रा ने जम्मू कश्मीर में निवेश के लिए चुने गए 14 क्षेत्रों को ब्यौरा देते हुए कहा कि हथकरघा, हस्तशिल्प, पर्यटन, फिल्म निर्माण, कृषि एवं बागवानी से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की पूरा संभावना है।

अधिकारियों-व्यवसायियों में बैठकें 

निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग कश्मीर महमूद शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आइटी क्षेत्र के लिए तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध है। इस क्षेत्र में पांच करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। उन्होंने प्रशासन द्वारा प्रशासनिक गतिविधियों में डिजिटलीकरण के प्रोत्साहन, प्लग एंड प्ले आइटी केंद्र, एकल खिड़की अनुमति व्यवस्था की स्थापना के लिए समय सीमा तय करने और निवेश परियोजनाओं को समयबद्ध अनुमति की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। चेन्नई के नामी उद्योगपति ओएस कुमारन और जम्मू कश्मीर के उद्योगपति फारुक अमीन ने निजी क्षेत्र की तरफ से अपने अनुभवों का जिक्र किया। रोड शो के बाद कई नामी व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों संग जम्मू कश्मीर के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने निवेश और साझेदारी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर वन-टू-वन और सामूहिक स्तर पर बैठकें भी की।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस