जम्मू, राज्य ब्यूरो। नायब तहसीलदार का पद हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना पड़ेगा। इसके पुख्ता परिणाम रविवार को हुई लिखित परीक्षा में सामने आए हैं। नायब तहसीलदार पद के लिए राज्यभर में करीब 1,02,000 युवाओं ने आवेदन किया था। इनमें करीब 70,000 युवाओं ने पेपर देकर अपना भविष्य आजमाया।

जम्मू संभाग के तीन जिलों जम्मू, सांबा और ऊधमपुर के अलावा कश्मीर संभाग में छह जिलों में पेपर हुआ। इस पद के लिए कुल 155 पद भरे जाने हैं। शायद इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा तो सिविल सर्विस की परीक्षा में भी नहीं होती है। पेपर दोपहर एक से तीन बजे तक हुआ। स्टेट सर्विस सलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन सिमरनदीप ने बताया कि करीब 70 हजार पेपर देने वाले युवाओं में से सीटों के पांच गुना करीब साढ़े सात सौ उम्मीदवारों को मेरिट के हिसाब से चुना जाएगा। उसके बाद साक्षात्कार व उर्दू भाषा का लिखित पेपर भी होगा। नायब तहसीलदार पद की लिखित परीक्षा तीन वर्ष के अंतराल के बाद हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्यभर में परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो गई है। हमने इसके लिए पर्याप्त प्रबंध किए थे। वहीं, नायब तहसीलदार के पद का पेपर देने वाले उम्मीदवार काफी उत्साहित नजर आए। महिला कॉलेज गांधी नगर में बने परीक्षा केंद्र में पेपर देने वाले उम्मीदवारों विशाल और अमजद ने कहा कि नायब तहसीलदार का पेपर में सबसे बड़ी चुनौती मेरिट लिस्ट में नाम पाना है। इसमें मेहनत के साथ साथ किस्मत भी जरूरी है। विशाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी काफी बढ़ रही है। हर कोई सरकारी नौकरी चाहता है इसलिए कोई भी परीक्षा पास करना आसान नहीं रह गया है।

इससे पहले 21 अप्रैल को अध्यापकों के पदों को भरने के लिए पेपर हुआ था, जिसमें करीब 40 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। साइंस व गणित विषयों के अध्यापकों के लिए हुए पेपर में 85 प्रतिशत युवाओं ने भाग लिया। उर्दू विषय के अध्यापकों के लिए 28 अप्रैल को पेपर हो चुका है। अध्यापकों के पद सिर्फ लिखित परीक्षा से भरे जा रहे हैं और इनके लिए कोई साक्षात्कार नहीं होगा।

Posted By: Preeti jha

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