जम्मू, राज्य ब्यूरो । केंद्र शासित (यूटी) जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार ने अगले पांच महीने के लिए 61802 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी। विकास परियाजनाओं को जारी रखने व प्रशासनिक कामकाज के लिए यह बजट मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 के शेष पांच माह (नवंबर 2019 से 31 मार्च 2020 तक) के लिए होगा। अलबत्ता, इसे अधिकारिक तौर पर मंजूरी 18 नवंबर को शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में मिलेगी। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 के लिए केंद्र शासित जम्मू कश्मीर का 1.23 लाख करोड़ का बजट प्रस्ताव भी तैयार किया है।

राज्य वित्त विभाग ने संसद में मंजूरी के लिए लंबित पड़े समेकित कोष से राजस्व और पूंजी घटक के तहत जम्मू कश्मीर के पांच माह के बजट अनुमान (31 अक्टूबर 2019 से 31 मार्च 2020) की 50 फीसद निधि के खर्च के लिए संबंधित विभागों को प्राधिकृत कर दिया है।

बीमस पर उपलबध है ब्योरा :

वित्त विभाग के मुताबिक, किस वर्ग के लिए कितना राजस्व बजट है इसका पूरा ब्योरा बजट एस्टीमेशन एलोकेशन मोनीटङ्क्षरग सिस्टम (बीमस) पर उपलबध है। पूंजी बजट सिर्फ एक हेड में 115-कार्यों के लिए उपलब्ध होगा। सभी विभागों को चार नवंबर 2019 को या उससे पहले बीमस पर परियोजना, गतिविधि के मुताबिक कार्य की जानकारी अपलोड करनी होगी। पांच नवंबर को इस मामले की जम्मू में समीक्षा होगी। निधियों का इस्तेमाल बीमस के तहत प्राप्त अधिकारों के साथ बताई शर्ताें के आधार पर आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही होगा।

केंद्र सरकार के पास अधिकार :

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत जम्मू कश्मीर राज्य 31 अक्टूबर के दो केंद्र शासित राज्यों जम्मू कश्मीर व लद्दाख में विभाजित हो चुका है। जम्मू कश्मीर राज्य में विधानसभा के गठन तक केंद्र सरकार सभी महत्वपूर्ण फैसलों का अधिकार रखती है। जम्मू कश्मीर के बजट को संसद द्वारा मंजूरी दी जाएगी। शरदकालीन सत्र 18 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलेगा।

दिल्ली से लौटा वित्त विभाग का प्रतिनिधिमंडल

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि राज्य के वित्त सचिव अरुण कुमार मेहता के नेतृत्व में वित्त विभाग का प्रतिनिधिमंडल गत दिनों नई दिल्ली में गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ राज्य के अंतरिम बजट की मंजूरी पर बैठक के लिए गया था। यह दल गत रोज ही लौटा है। जम्मू कश्मीर के लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय ने गत रोज राष्ट्रपति के आदेश क्रमांक 3938 के तहत केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के लिए अगले पांच माह तक निधियों के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद राज्य वित्त विभाग ने देर शाम गए पांच माह के लिए रेवेन्यु और कैपिटल कंपोनेंट के तहत बजट अनुमान के तहत नीधियों के इस्तेमाल के लिए सभी विभागों को अनुमति दे दी है।

जम्मू कश्मीर ने अंतरिम बजट का प्रस्ताव केंद्र को सौंपा :

पांच माह के अंतरिम बजट की कुल राशि का अधिकारिक ब्योरा नहीं मिला है, लेकिन जम्मू कश्मीर ने 61802 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट का प्रस्ताव केंद्र को सौंपा है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित जम्मू कश्मीर ने अगले वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के साथ 1.23 लाख करोड़ के बजट प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया है। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में होने जा रहे शरदकालीन सत्र में जम्मू कश्मीर के पांच माह के अंतरिम बजट के अलावा अगले वित्त वर्ष के प्रस्तावित बजट को मंजूरी मिल जाएगा। अगले वित्त वर्ष का बजट पहली अप्रैल 2020 से प्रभावी होगा।

88911 करोड़ के बजट का मंजूरी दी थी :

जम्मू कश्मीर राज्य मौजूदा वित्त वर्ष के लिए बजट को गत दिसंबर में मंजूरी प्रदान की थी ताकि राज्य के अधिकांश जिले जहां भौगोलिक परिस्थितियिों के चलते काम का मौसम मात्र चार से छह माह होता है, में जिला उपायुक्तों व विभागाध्यक्षों को विकास कायों की रूपरेखा तय कर उन पर अमल करने का पर्याप्त समय मिले सके। तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक के नेतृत्व में राज्य प्रशासन ने गत वर्ष दिसंबर के दौरान वर्ष 2019-20 के लिए 88911 करोड़ के बजट का मंजूरी दी थी। 

Posted By: Rahul Sharma

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