जम्मू, जागरण संवाददाता : सूर्य पुत्री तवी नदी के किनारों का सौंदर्यीकरण कर पर्यटकों को लुभाने की तैयारियां फिर से शुरू हो गई है। अब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत तवी रिवर फ्रंट का निर्माण किया जाना है। इस कार्य को दिसंबर 2022 तक पूरा कर लेने के निर्देश जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने श्रीनगर में हुई बैठक में दिए।

गुजरात के अहमादाबाद में स्थित सावरमती नदी की तर्ज पर सूर्य पुत्री तवी नदी के किनारों का सौंदर्यीकरण और विकास किया जाना है। जम्मू में बनने वाले तवी रिवर फ्रंट का काम अब रफ्तार पकड़ने लगा है। इस काम के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आने के कारण अब राशि स्वीकृत हो गई है। चूंकि नगर निगम आयुक्त अवनी लवासा जम्मू स्मार्ट सिटी की सीईओ हैं, तो उनकी देखरेख में जम्मू नगर निगम इस काम को पूरा करेगा। इसके लिए अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें नामी कंपनी को काम दिया जाएगा और फ्रंट का निर्माण होगा।

पहले यह प्रोजेक्ट जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी के पास था। पहले चरण में चार किलोमीटर में काम करवाने के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। मगर काम करने वाली कंपनियां ने काम करने से मना कर दिया था। साल 2018 में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट फाइनल हुई थी। अब वर्ष 2021 में इस प्रोजेक्ट को स्मार्ट सिटी के अधीन लाया गया। अब फिर से टेंडर प्रक्रिया पूरी हो रही है। प्रोजेक्ट के लिए 210 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

तवी नदी किनारों पर बनेंगे होटल, रेस्टोरेंट: तवी नदी के दोनों किनारों पर फ्रंट का निर्माण होगा। इसके दोनों और होटल और रेस्टोरेंट भी बनाए जाएंगे। यह सब तवी नदी में कृत्रिम झील बनने के साथ पूरा होगा। तवी के किनारों को फूलों, क्यारियों, लैंड स्कैपिंग से सजाया जाएगा।

  • जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड के डिप्टी सीईओ हितेश गुप्ता का कहना है कि तवी रिवर फ्रंट को शुरू करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार ने इसके लिए 210 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर की है। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा। तवी रिवर फ्रंट को गुजरात के साबरमती की तर्ज पर बनाया जाना पहले ही निर्धारित है। वो डिजाइन पहले ही पारित हो चुका है।

मुख्य सचिव ने दिए निर्देश :मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने श्रीनगर में तवी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए एक बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव को बताया गया कि 187 करोड़ रुपये की लागत से सात किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। सबसे पहले भगवती नगर बैराज से विक्रम चौक पुल तक का काम किया जाएगा। इसे पहले चरण में पूरा किया जाएगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट का समय 18 महीने से कम कर 12 महीने का दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दिसंबर 2022 तक इस काम को पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए कि वह रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत भगवती नगर बैराज के काम को वर्ष 2020 में मानसून से पहले पूरा करें। बैठक में डिवीजनल कमिश्नर डा. राघव लंगर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Edited By: Rahul Sharma