राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। श्री अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा-2018 के लिए 1.91 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा 17,208 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के लिए हैलीकाप्टर सेवा के लिए टिकटें भी बुक कर ली हैं।

यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण को यकीनी बनाने के लिए 80 स्थानों पर प्लास्टिक बोतल पकड़ने के लिए बॉटल कैचर लगाए जाएंगे। यहां प्लास्टिक बोतलों को एकत्रित करके नुनवन और बालटाल में लगाई की थ्रे¨सग मशीनों में पीसा जाएगा। कचरे के लिए कलर कोि‍डिंग वाले 1465 डस्टबीन भी स्थापित होंगे। यात्रा मार्ग पर स्टील की 52 टंकियां भी पानी से भरी रहेंगी।

यात्रा मार्ग पर पहले से मौजूद शौचालयों व स्नानघरों को ठीक करने के अलावा 286 भारतीय और 243 यूरोपीय टॉयलेट व 100 नए स्नानघर भी स्थापित किए जा रहे हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस की माउंटेन रेस्कयू टीम के अलावा एसडीआरएफ, सीआरपीएफ और एनडीआरएफ की रेस्कयू टीमें भी यात्रा मार्ग पर चिन्हित स्थानों पर तैनात रहेंगी।

यह जानकारी बुधवार को राज्यपाल एनएन वोहरा द्वारा श्री अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक में श्री अमरनाथ श्राईण बोर्ड (एसएएसबी) के सीईओ व राज्यपाल के प्रमुख सचिव उमंग नरुला ने दी। बता दें कि इस साल श्री अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरु होगी और 26 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।

श्री अमरनाथ श्राईण बोर्ड (एसएएसबी) के अध्यक्ष और राज्यपाल ने बैठक में निर्देश दिया कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति, पोनीवाला, दांडीवाला, पालकीवाला यात्रा मार्ग पर नजर नहीं आना चाहिए। यह सुरक्षा के लिहाज से जरुरी है।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग को बहाल करने, भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेषकर रेलपथरी-बरारीमार्ग-काली माता मार्ग पर सुरक्षा रेलिंग, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा प्रबंधों के लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं।

खच्चर, दांडी और पालकीवालों का होगा पंजीकरण

राज्यपाल ने बैठक में सीईओ एसएएसबी को सभी खच्चर, दांडी और पालकी वालों का पूर्ण पंजीकरण यकीनी बनाने और यात्रा मार्ग पर किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति की मौजूदगी को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा।

उन्होंने जिला उपायुक्त गांदरबल और जिला उपायुक्त अनंतनाग को निर्देश दिया कि बढिया क्वालिटी के तंबु और बिस्तर ही श्रद्धालुओं को संबंधित सेवा प्रदात्ता प्रदान करें, सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से यात्रा डयूटी में बतौर शीविर निदेशक, अतिरिक्त शीविर निदेशक, के तौर पर नियुक्त किए जाने वाले अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का पूरा ज्ञान होना चाहिए और उन्हें अपने अपने कार्याधिकार क्षेत्र में स्वच्छता को भी यकीनी बनाना होगा। 

Posted By: Preeti jha