राज्य ब्यूरो, जम्मू : रमजान के महीने में आतंकियों के खिलाफ एकतरफा संघर्ष विराम के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदर्शन किया।

कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म के साथ जोड़कर नहीं देखना चाहिए। गांधी नगर में कार्यकर्ताओं ने बैनर लहराते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। एबीवीपी के प्रदेश सचिव दीपक गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2000 में संघर्ष विराम के बाद 828 लोग मारे गए थे। सेना के लिहाज से एकतरफा संघर्ष विराम किसी भी तरह से ठीक नहीं है। इससे आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी होगी। जब सरकार आतंकियों के खिलाफ अभियान रोक देगी तो उन्हें एकजुट होकर हमले करने का मौका मिल जाएगा। अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो युवा सड़कों पर उतर आएंगे।

छात्र नेता हैदर अली ने कहा कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता है। क्या सरकार ऐसा फैसला करके इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश तो नहीं कर सकती है। प्रदर्शनकारियों में पियूष खजूरिया, विदेश दलमोत्रा, सुयाश गुप्ता, नंदिता गुप्ता, प्रतीक रैना, विनायक मगोत्रा, सुगम अंडोत्रा व अन्य शामिल थे।

By Jagran