जागरण संवाददाता, जम्मू : रमजान के पहले दिन पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सांबा और कठुआ में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इससे साफ है कि पाकिस्तान को पवित्र रमजान माह से भी कोई लेना-देना नहीं है। श्रीनगर में पुलिस कर्मी से बंदूक छीनने और दो आतंकी हमले एकतरफा संघर्ष विराम का मजाक है।

डोगरा फ्रंट व शिव सेना के प्रधान अशोक गुप्ता ने यह शब्द कहे। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा से आतंकियों को कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती हमेशा भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता पर जोर देती आई हैं। एकतरफा संघर्ष विराम की मांग भी उन्होंने ही की थी। वहीं, पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आजादी के बाद ऐसी पहली मुहिम आतंकियों के खिलाफ चल रही है। पिछले वर्ष 238 आतंकी मार गिराए गए थे। इस साल चार माह में 72 आतंकी मारे गए हैं। इस दौरान 35 जवान भी शहीद हुए हैं। ऐसे शहीदों के परिवारों के लिए सरकार को क्या कहना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में भी रमजान माह में एकतरफा संघर्ष विराम किया गया। उस समय श्रीनगर एयरपोर्ट पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें दो नागरिक और दो जवान मारे गए। एकतरफा संघर्ष विराम से आतंकी बेलगाम हो जाएंगे।

By Jagran