महिला की उम्र और इनफर्टिलिटी का है गहरा संबंध, IVF से हो सकता है चमत्कार


आईवीएफ ट्रीटमेंट में महिला की उम्र बहुत ही अहम होती है क्योंकि जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे उसके गर्भवती होने की संभावनाएं भी कम होती जाती हैं। 40 या इससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं में गर्भवती होने की संभावनाएं 5% से भी कम होती हैं। ऐसा इसलिए होता है कि बढ़ती उम्र के साथ महिला के शरीर में अंडों की मात्रा कम होती जाती है और उनकी गुणवत्ता में भी कमी आती है। लिहाज़ा महिला को सही समय पर गर्भधारण कर लेना चाहिए। अगर महिला को प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में परेशानी आती है तो जल्द से जल्द आईवीएफ विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टरी जांच से ये पता लगाया जा सकता है कि महिला के गर्भधारण करने की कितनी संभावनाएं हैं। लेकिन अंडों की गुणवत्ता या इनकी कमी के बावजूद भी आईवीएफ से मां बन पाना संभव है।