अपने पसंदीदा टॉपिक्स चुनें close

क्या है Polycystic Ovarian Disease? जीवनशैली और खान-पान में बदलाव है ज़रूरी


पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ यानी पीसीओडी आजकल महिलाओं में तेज़ी से बढ़ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है हॉर्मोन असंतुलन और ये महावारी के चक्र के असंतुलन के रुप में सामने आता है। इसके लक्षणों में मोटापा बढ़ना, चेहरे पर बाल आना, मुहांसे आना और तैलीय त्वचा होना है। पीसीओडी की वजह से कम उम्र की महिलाओं को भी निसंतानता की समस्या से जूझना पड़ता है। पीसीओडी की वजह से महिला के शरीर में बनने वाले अंडे सही समय पर नहीं फूटते और इनकी गुणवत्ता में भी कमी आ जाती है। पीसीओडी के इलाज के दौरान जीवनशैली और खान-पान में बदलाव करना ज़रूरी होता है, इस दौरान महिला को कृत्रिम हॉर्मोन इंजेक्शन दिए जाते हैं जिससे महिला की महावारी को नियमित किया जा सके। पीसीओडी में निसंतानता होने पर आईयूआई का विकल्प मौजूद है लेकिन अगर आईयूआई से भी गर्भधारण नहीं हो पाता तो ऐसे में आईवीएफ ही सबसे कारगर उपाय है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.OK