भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। भुवनेश्वर भारतीय टीम की विश्व कप ट्राफी की डगर काफी कठिन नजर आ रही है। जिस तरह टीम ने वेल्स के विरुद्ध प्रदर्शन किया, उससे टीम प्रबंधन से लेकर प्रशंसक तक चिंतित हैं। फार्म में चल रहे हार्दिकक सिंह का विश्व कप के बाहर होना मेजबान टीम के लिए बड़ा झटका है। वेल्स को आठ गोल के अंतर से हराने का दबाव टीम पर साफ झलक रहा था, लेकिन वह लक्ष्य से दूर रहे और 4-2 से जीत हासिल की।

क्रासओवर मुकाबले में भारत न्यूजीलैंड से रविवार को भिड़ेगा। अगर भारत क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लेता है तो उसे क्वार्टर फाइनल में जाने के लिए गत चैंपियन बेल्जियम से भिड़ना होगा। भारतीय टीम में डिफेंस की दरार साफ दिख रही है। कोच ग्राहम रीड भले ही इस बात पर गर्व कर लें कि पहले दो मैचों में भारत ने एक भी गोल नहीं खाया, लेकिन दबाव में टीम की रक्षा पंक्ति बिखरती नजर आई। वह भी ग्रुप डी की सबसे कमजोर टीम वेल्स के सामने।

टीम में नहीं नजर आ रहा है पैनापन

मेजबान टीम स्वाभाविक खेल को छोड़ दबाव के साथ मैदान पर उतर रही है। भारतीय कोच ग्राहम रीड भी मानते हैं कि दबाव में खेलने पर स्वाभाविक प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वाभाविक खेल खेलने से परिणाम स्वत: ही आएंगे। वेल्स के विरुद्ध मैच के दौरान भारतीय टीम के आक्रमण में तनिक भी पैनापन नजर नहीं आया। गेंद पर ज्यादा समय तक कब्जा बनाए रखने के बावजूद अच्छे मूव नहीं बना सके।

न्यूजीलैंड के समक्ष दावेदार के रूप में उतरेगा भारत

विश्व रैंकिंग में भारत छठे तो न्यूजीलैंड 12वें स्थान पर है। न्यूजीलैंड की टीम ने अभी तक एक बार भी सेमीफाइनल तक का सफर तय नहीं किया है। हार्दिक का विश्व कप के बाहर होने से आक्रमण की धार कमजोर हो गई है। पहली बार विश्व कप खेल रहे वेल्स को जहां इंग्लैंड ने 5-0 और स्पेन ने 5-1 से हराया था। वहीं भारतीय फारवर्डों को संघर्ष करना पड़ा था। मेजबान टीम ने दुनिया की 14 नंबर की टीम के विरुद्ध 4-2 से जीत हासिल की थी। हार्दिक की गैरमौजूदगी में मनदीप सिंह और आकाशदीप जैसे सीनियर खिलाडि़यों का प्रदर्शन अहम होगा।

भारत बेशक न्यूजीलैंड के विरुद्ध प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा, लेकिन ब्लैक स्टिक्स को हराना आसान नहीं होगा। भारतीय कोच ग्राहम रीड ने कहा, 'न्यूजीलैंड के विरुद्ध यह आसान मैच नहीं होगा। एफआइएच प्रो लीग में न्यूजीलैंड के विरुद्ध पहला मैच बहुत कठिन था, हालांकि दूसरा थोड़ा आसान था। हमें अपना सर्वश्रेष्ठ खेलना होगा। पिछली बार न्यूजीलैंड ने भारत को 2019 में हराया था।

हरमनप्रीत का फार्म अब भी चिंता का विषय

वेल्स के विरुद्ध कप्तान हरमनप्रीत ने भी गोल किया, लेकिन इस ड्रैग फ्लिकर का फार्म में नहीं होना भारतीय टीम के लिए मुश्किलें खड़ा कर रहा है। स्पेन व इंग्लैंड के विरुद्ध वह गोल नहीं कर सके थे, लेकिन वेल्स के विरुद्ध मैच खत्म होने के कुछ समय पहले गोल कर विश्वकप में अपना खाता खोला। पेनाल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल पाना भी भारत के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। टीम को पेनाल्टी कार्नर लेते समय विपक्षी डिफेंडरों को मात देने की रणनीति बनानी होगी।

Edited By: Umesh Kumar