नई दिल्ली, प्रेट्र। हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को संन्यास लेने वाले भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह को उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बधाई दी और कहा कि वह 'खेल के सच्चे दूत हैं। सरदार ने बुधवार को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप के लिए राष्ट्रीय शिविर के संभावितों की सूची से बाहर किए जाने केबाद अपने 12 साल के करियर को अलविदा कहा।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष राजिंदर सिंह ने कहा कि सरदार सिंह ने अच्छे और बुरे समय में अपने मजबूत दृढ़ संकल्प का नमूना पेश किया। बतौर खिलाड़ी उनकी उपलब्धियां और उनका समर्पण उन्हें खेल का सच्चा दूत बनाता है। उन्होंने अपने प्रदर्शन से और बतौर कप्तान युवाओं की पीढ़ी को प्रेरित किया है। उन्होंने अपनी अगुआई में भारत को 2014 एशियन गेम्स में शानदार जीत दिलाई। विश्व रैंकिंग में टीम को ऊपर पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा। उन्होंने कहा कि हॉकी इंडिया उन्हें उनकी उपलब्धियों केलिए बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती है।

सरदार के करियर की उपलब्धियां सरदार सिंह ने भारत के लिए सीनियर टीम में पदार्पण पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में किया था और इसके बाद से वह टीम की मध्य पंक्ति में अहम खिलाड़ी बने हुए हैं। 32 वर्ष के इस खिलाड़ी ने देश के लिए 350 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 2008 से लेकर 2016 तक आठ साल तक राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी संभाली। इसके बाद टीम की कमान पीआर श्रीजेश को सौंप दी गई।

वर्ष 2008 सुल्तान अजलन शाह कप में टीम की अगुवाई के दौरान वह भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने थे। उन्हें 2012 में अर्जुन पुरस्कार और 2015 में पद्मश्री से नवाजा गया। उन्होंने उसे ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया। गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम से बाहर किए जाने के बाद इस खिलाड़ी ने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए शानदार वापसी की, जिसमें भारतीय टीम ने रजत पदक जीता।

Posted By: Sanjay Savern