नई दिल्ली, जेएनएन। एशियन गेम्स 2018 में शुक्रवार को जब भारतीय महिला हॉकी टीम मैदान पर उतरेगी तो उसका केवल एक लक्ष्य होगा कि वह जापान को हराकर 36 साल बाद गोल्ड मेडल पर कब्जा करे। भारत अगर फाइनल जीत जाता है तो ना केवल वह गोल्ड मेडल जीतेगी बल्कि टोक्यो ओलंपिक के लिए सीधा प्रवेश भी पा लेगी।

इससे पहले भारत ने साल 1982 में दिल्ली में हुए 9वें एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। इसी साल भारतीय हॉकी टीम पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रही थी। भारत का इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन रहा है और रैंकिंग में भी वह जापान पर हावी दिख रही है। वर्ल्ड हॉकी रैंकिंग में भारत 9वें स्थान पर है जबकि जापान 14वें स्थान पर। अब हिसाब से भारत को जीत का प्रबल दावेदार मानना गलत नहीं होगा।

खिताबी मुकाबले के लिए भारतीय कप्तान रानी रानीपाल भी पूरी तरह से तैयार है। फाइनल से पहले रानी ने भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जगाई। रानी ने कहा कि जापान के खिलाफ मुकाबला काफी रोमांचक होगा। हम इस मैच को जीतने के लिए अपनी जान लड़ा देंगे। हमारी टीम को पता है कि उससे गोल्ड हासिल कर ओलंपिक में क्वालिफाइ करना है इसलिए हम एशिया की सबसे अच्छी टीम की तरह ही प्रदर्शन करेंगे।

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Posted By: Lakshya Sharma