ऊना अस्पताल में महिला की मौत पर फिर बवाल: लोगों ने चंडीगढ़-धर्मशाला हाईवे पर शव रखकर ट्रैफिक जाम किया
ऊना में रीना और गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में परिजनों का गुस्सा फिर भड़क उठा। उन्होंने डॉक्टर प्रियंका ...और पढ़ें
HighLights
परिजनों ने ऊना में हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
डॉक्टर प्रियंका पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया।
मां-शिशु की मौत पर न्याय की मांग, परिजनों का गुस्सा।
जागरण संवाददाता, ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में बीते रोज अरनियाला निवासी रीना की गर्भस्थ शिशु के साथ हुई मौत मामले में स्वजन का गुस्सा फिर फूट पड़ा। डॉक्टर प्रियंका पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक कार्रवाई न होने के कारण स्वजन और रिश्तेदारों ने मिलकर शनिवार को एक बार फिर संघर्ष की राह अपनाई।
रेड लाइट चौक ऊना पर नेशनल हाईवे धर्मशाला-चंडीगढ़ व राज्य मार्ग ऊना-हमीरपुर को जाम कर दिया। शनिवार को टांडा में पोस्टमार्टम के बाद रीना का शव पहुंचा तो स्वजन ने एक बार फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शव रखकर प्रदर्शन
स्वजन को गुस्सा है कि अभी तक न तो डॉक्टर को उसकी सेवाओं से सस्पेंड किया गया है और न ही उसकी गिरफ्तारी पुलिस की ओर से तय की गई है। ऐसे में शव पहुंचते ही स्वजन ने रेड लाइट चौक पर एंबुलेंस रोककर धरना प्रदर्शन किया।
लिखित आश्वासन पर भी नहीं माने प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों को ऊना अस्पताल के एमएस डॉ. संजय मनकोटिया, सीएमओ डॉ. एसके वर्मा और जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिद्धू ने लिखित में दिया कि प्रबंधन डॉ. प्रियंका को टर्मिनेट करने, ऊना अस्पताल में प्रेक्टिस न करने और लाइसेंस रद करवाने की सिफारिश अपने स्तर पर भी करेंगे। इन शर्तों को प्रबंधन ने लिखित में दिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने एक न मानी और फिर से प्रदर्शन करते हुए डॉ प्रियंका की गिरफ्तारी और सरकार स्तर पर आदेश जारी करने की मांग करते हुए प्रदर्शन फिर शुरू कर दिया।
4 दिन से उपचाराधीन थी रीना
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के मातृ-शिशु देखभाल केंद्र में 33 वर्षीय रीना चार दिन पहले प्रसव पीड़ा के बाद दाखिल हुई थी। महिला की मौत के बाद स्वजन ने चिकित्सा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एमसीएच परिसर में हंगामा किया था। ऑपरेशन थियेटर के अंदर से सीएमओ, एमएस व स्टाफ को खिड़कियों से निकलकर बचाव करना पड़ा।
डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज
करीब चार घंटे बाद पुलिस ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. प्रियंका के विरुद्ध उपचार में लापरवाही करने की भारतीय न्याय संहिता (बीएसएस) की धारा 106 के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद स्वजन डॉक्टर की गिरफ्तारी और पूछताछ के लिए तलब करने की जिद पर अड़े रहे।
पति का आरोप, उपचार के बजाय अल्ट्रासाउंड करने भेज दिया
राजीव कुमार निवासी अपर अरनियाला ने बताया कि पत्नी रीना को प्रसव पीड़ा के चलते ऊना अस्पताल में चार दिन पहले भर्ती करवाया था। पहले के अल्ट्रासाउंड के अनुसार बच्चे और मां के सभी टेस्ट सही थे। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वार्ड में रीना का चेकअप कर डाक्टर ने बताया कि बच्चे की धड़कन नहीं लग रही। ऐसे में हमने कहा कि मां को बचाएं, लेकिन उससे पहले डाक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने भेज दिया। जो समय रीना को संभालने का था, वह अल्ट्रासाउंड में खप गया। इस बीच पेट में बच्चे और उसके बाद रीना की भी मौत हो गई। राजीव का आरोप है कि डॉक्टर चार दिन के इलाज में बात भी सही ढंग से नहीं कर रही थी।
