53000 किसानों की पीएम सम्मान निधि पर संकट, फार्मर आईडी न बनाई तो कटेगा लिस्ट से नाम; ऊना में सामने आया आंकड़ा
ऊना जिले में 53 हजार से अधिक किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि उन्होंने 30 अगस्त तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है।

ऊना में हजारों किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि पर संकट मंडरा गया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
ऊना के 53 हजार किसानों पर पीएम किसान निधि का संकट।
30 अगस्त तक फार्मर आईडी न बनाने पर लाभ बंद।
कृषि योजनाओं, सब्सिडी के लिए भी फार्मर आईडी आवश्यक।
संवाद सहयोगी, ऊना। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए 30 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है। निर्धारित समय तक किसान आईडी यानी फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाने वाले किसानों पर योजना का लाभ गंवाने का खतरा मंडरा रहा है। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में 53,673 ऐसे किसान हैं। जिले में वर्तमान में 95,972 किसान पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन अब तक केवल 42,299 किसानों ने ही किसान आईडी बनाई है। ऐसे में 53 हजार से अधिक किसान अभी भी पंजीकरण से बाहर हैं।
कृषि विभाग ने जारी किए निर्देश
कृषि विभाग ने किसान आईडी बनाने को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार पीएम किसान सम्मान निधि के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, सब्सिडी, फसल बीमा और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक होगी।
कृषि उपकरणों पर भी नहीं मिलेगी सबसिडी
कृषि विभाग से मिलने वाले ट्रैक्टर, पावर वीडर समेत अन्य कृषि उपकरणों के लिए भी किसान आईडी जरूरी होगी। इसके बिना किसानों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। खाद की उपलब्धता को लेकर भी किसान आईडी को अनिवार्य किए जाने की बात कही गई है।
क्यों की जा रही फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों का डिजिटल रिकार्ड तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। इससे पात्र किसानों को योजनाओं से स्वत: जोड़ने, फसल खरीद, बीमा, केसीसी ऋण और कृषि सलाह जैसी सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी। राजस्व रिकार्ड में दर्ज कृषि जोत धारक किसान, महिलाओं और 18 वर्ष से कम उम्र के कृषि जोत धारकों की भी फार्मर आईडी बनाई जा सकती है।
ऐसे बनाएं किसान आईडी
- हिमाचल प्रदेश के एग्रीस्टैक पोर्टल पर जाकर नया खाता बनाने पर क्लिक करें।
- आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से ई- केवाईसी पूरी करें।
- व्यक्तिगत जानकारी सत्यापित कर मोबाइल नंबर दर्ज करें और पासवर्ड बनाएं।
- जिला, तहसील, गांव और खसरा नंबर की जानकारी भरकर भूमि रिकार्ड प्राप्त करें।
- अपनी भूमि का चयन कर विवरण की पुष्टि करें।
- घोषणा स्वीकार करने के बाद आधार ओटीपी से ई- साइन करें और आवेदन सबमिट करें।
- सत्यापन पूरा होने के बाद किसान की फार्मर आईडी जनरेट होगी।
- किसान आधार कार्ड, नवीनतम खसरा, जमाबंदी की प्रति और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर वाला फोन लेकर नजदीकी लोक मित्र केंद्र से भी किसान आईडी बनवा सकते हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए महज एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य में मिलने वाली अधिकांश कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का आधार बनने जा रही है। किसान 30 अगस्त की समय सीमा का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी किसान आईडी बनवा लें।
-डा. प्यारो देवी संधू, निदेशक, आतमा परियोजना कृषि विभाग।
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