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इलेक्ट्रिक बसों से HRTC की बढ़ी कमाई, डिप्टी CM के गृह जिले में दौड़ रही 35 ई-बसें; एक महीने में हुई 27 लाख आय

By Ritika Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 06 Sep 2026 05:06 PM (IST)

ऊना जिले में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को एक महीना पूरा हो गया है, जिससे एचआरटीसी को लगभग 27 लाख ...और पढ़ें

एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों से डीजल की बचत हो रही है और निगम की आय बढ़ी है। प्रतीकात्मक फोटो

एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों से डीजल की बचत हो रही है और निगम की आय बढ़ी है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. ऊना में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन एक माह पूरा।

  2. एक महीने में 27 लाख रुपये की आय दर्ज हुई।

  3. कुल 35 बसें ऊना, हरोली डिपो से संचालित।

संवाद सहयोगी, ऊना। सुबह चंडीगढ़ जाने की जल्दी हो या एम्स बिलासपुर में उपचार के लिए पहुंचना हो, अब यात्रियों के पास सफर का एक और विकल्प है। ऊना जिले में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को एक माह पूरा हो गया है और इस दौरान इन बसों ने कई महत्वपूर्ण रूट पर मौजूदगी दर्ज करवाई है। दो अगस्त से शुरू हुए संचालन के बाद एक महीने में इलेक्ट्रिक बसों से करीब 27 लाख रुपये की आय हुई है।

यात्रियों के लिए अहम बात यह है कि स्थानीय रूटों के साथ लंबी दूरी के कई रूटों पर भी उन्हें नई बस सेवा उपलब्ध हुई है। ऊना और हरोली ई-डिपो को कुल 35 इलेक्ट्रिक बसें मिली हैं। इनमें ऊना डिपो की 12 और हरोली ई-डिपो की 23 बसें संचालित हो रही हैं। 

निगम की ओर से एम्स बिलासपुर और मुद्रिका जैसे शुरू किए गए नए रूटों पर शुरुआती प्रतिक्रिया अच्छी बताई जा रही है। हालांकि किसी भी नए रूट की वास्तविक उपयोगिता और आर्थिक स्थिति का आकलन लंबी अवधि के संचालन और लगातार यात्रियों की संख्या के आधार पर ही हो सकेगा।

12 मीटर की बसें खड़ी हुईं तो ई-बसों ने संभाले बद्दी-नालागढ़ के रूट

जेएनएनयूआरएम के तहत निगम के बेड़े में शामिल 12 मीटर लंबी बसों का अंतरराज्यीय रूटों पर संचालन न्यायालय के रोक के आदेश के बाद पूरी तरह बंद हो गया। बसों की लंबाई अधिक होने के कारण इन्हें जिले के ग्रामीण और संकरे रूटों पर भी आसानी से नहीं चलाया जा सकता था। ऐसे में निगम की ये बसें वर्कशाप में ही खड़ी रह गईं। 

जिन रूट पर जेएनएनयूआरएम बसें पहले संचालित होती थीं, वहां बाद में दूसरी डीजल बसों के माध्यम से सेवा को जारी रखा गया। बद्दी और नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में यात्रियों की खासी भीड़ रहती है। अब इलेक्ट्रिक बसों के आने से निगम के पास इन मार्गों पर संचालन का नया विकल्प उपलब्ध हुआ है।

इन रूटों पर दौड़ रही ई-बसें

ऊना-चंडीगढ़, पंडोगा-चंडीगढ़, गोंदपुर-चंडीगढ़, ऊना-शाहतलाई, होशियारपुर, बद्दी, नालागढ़, एम्स बिलासपुर, ऊना-एम्स बिलासपुर-शिमला, माहिलपुर, मुद्रिका समेत अन्य लंबी दूरी के रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। जिले में चिंतपूर्णी, सोहारी, सिंघा, दुलैहड़, गोंदपुर, बालीवाल और धमांदरी सहित अन्य कई स्थानीय रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें शुरू हो गई हैं।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को सुविधा मिली है। एक महीने में इन बसों से करीब 27 लाख रुपये की आय हुई है।
-राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी।

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