जागरण टीम, चितपूर्णी : राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने रविवार को उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चितपूर्णी मंदिर में माथा टेका। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। वह माता चितपूर्णी की संध्या आरती में भी शामिल हुए और आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि माता चितपूर्णी मंदिर में लाखों भक्तों की आस्था है। यहां विश्व भर से श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते हैं।

राज्यपाल ने श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार चितपूर्णी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। अतिरिक्त उपायुक्त ऊना डा. अमित कुमार शर्मा ने राज्यपाल को माता चितपूर्णी की चुनरी तथा स्मृति चिह्न भेंट किया।

इससे पहले राज्यपाल ने चितपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और यहां ट्रेन से मां चितपूर्णी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। राज्यपाल ने कहा कि चितपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं के लिए अच्छी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश सरकार सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि चितपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से मंदिर के लिए एक सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिस पर कुछ कार्य होना बाकी है। प्रदेश सरकार इस सड़क के निर्माण के लिए प्रयासरत है। उसके बाद चितपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी 12 किलोमीटर रह जाएगी। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द इस प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उन्होंने चितपूर्णी में अपने पारिवारिक मित्र मलकीयत सिंह से घर जाकर मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर चितपूर्णी के विधायक बलबीर सिंह, एसडीएम मनेश कुमार यादव सहित अन्य गण्यमान्य उपस्थित थे।

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