एमएल सहोड, मैहतपुर

मैहतपुर में वन संपदा की चोरी पर लगाम लगेगी। वन माफिया पर भी विभाग की पैनी नजर रहेगी। वन विभाग के स्थायी कार्यालय कार्य यहां जोरों से चला हुआ है। इसके निर्माण पर करीब 17 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था भी होगी और नाके के दौरान उन्हें वहीं ठहरने की सुविधा मिलेगी।

सीमांत क्षेत्र होने के कारण मैहतपुर से वन संपदा को अन्य राज्यों में चोरी छिपे ले जाने की आशंका बनी रहती है। कई बार तो वन कटुआ को पकड़ा भी गया हैं तो कई बार वह बच निकलने में भी कामयाब रहे हैं। पिछले कई साल से वन विभाग द्वारा मैहतपुर मे लगाया गया नाका नाकाफी सिद्ध हो रहा था। नाके में कार्यालय जैसी कोई सुविधा नहीं थी। बरसात में तो कर्मचारियों का बैठना ही मुश्किल हो रहा था। मैहतपुर की कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा अस्थाई नाके को किसी अन्य जगह शिफ्ट करने की मांग की जाती रही है। इसके चलते वन विभाग को कदम उठाने पड़े है। अब वन विभाग का स्थायी कार्यालय बनने से वन माफिया पर नुकेल कसने में काफी सुविधा विभागीय कर्मियों को होगी।

वहीं, जिला वन क्षेत्रीय अधिकारी मृत्युंजय माधव ने कहा कि वन माफिया पर लगाम लगाने के लिए सभी सुविधाओं वाले कार्यालय की जरूरत को देखते हुए करीब 17 लाख की अनुमानित राशि से कार्यालय का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसमें कार्यलय के अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी रहेगी। जिसके परिणाम स्वरुप कर्मचारी वन संपदा की चोरी को रोकने में समर्थ होगें।

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