मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, ऊना : डीएवी स्कूल अम्बोटा को अपनी सेवानिवृत्त कर्मचारी को सभी वित्तीय लाभ देने होंगे। श्रम न्यायालय धर्मशाला ने मामले की सुनवाई में याचिकाकर्ता को बड़ी राहत दी है। इस फैसले के आधार पर डीएवी प्रबंधन समिति को रेगुलर कर्मचारी को मिलने वाले लाभ देने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता नंदलाल कौंडल ने मामले की पैरवी की। कौंडल ने कहा न्यायालय ने मामले की सुनवाई की और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता रेखा रानी के पक्ष में फैसला दिया। रेखा रानी डीएवी स्कूल अम्बोटा में गैर शिक्षक कर्मचारी तैनात थीं, लेकिन काफी समय तक सेवाएं देने के बाद भी उन्हें रेगुलर नहीं किया गया। जबकि सेवा आयु पूरी होने के बाद सेवानिवृत्त हो गई। रेखा रानी ने श्रम न्यायालय में याचिका दी कि डीएवी स्कूल प्रबंधन ने उन्हें रेगुलर नहीं किया और अन्य कोई लाभ नहीं दिए। जबकि स्कूल में कार्य करने वाले कर्मचारियों को हर प्रकार के लाभ मिले। मामले की सुनवाई करते हुए श्रम न्यायालय ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला दिया और आदेश दिया कि कर्मचारी को रेगुलर और बोनस सहित अन्य सभी प्रकार के वित्तीय लाभ सेवाकाल के दायरे में प्रदान किए जाएं। पांच साल पूरा करने वाले कर्मचारी को डीएवी स्कूल प्रबंधन वित्तीय लाभों से वंचित नहीं कर सकता है।

-----------------------

निकाले कर्मचारियों में जगी आस

डीएवी स्कूल अम्बोटा के पूर्व कर्मचारियों ने श्रम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। निजी स्कूल कर्मचारी संघ के प्रधान सुनील कुमार, सचिव केवल ¨सह सहित अन्य ने कहा यह निर्णय कर्मचारी हित में आया है। डीएवी स्कूल अम्बोटा प्रबंधन ने गैर शिक्षक कर्मचारियों को उनके लाभों से वंचित किया है। कई कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया, जबकि उन्हें कोई लाभ नहीं दिए गए। कहा कर्मचारियों ने अपने जीवन के अहम साल स्कूल में सेवाएं दीं। नौकरी के माध्यम से भविष्य सुरक्षित होने के बजाय अंधकार में चला गया है और अब उन्हें श्रम न्यायालय से न्याय पाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने डीएवी प्रबंधन समिति से मांग की है कि श्रम न्यायालय का फैसला जल्द लागू किया जाए और कामगारों को इसका लाभ मिले। इससे न केवल नौकरी से हटाए बल्कि सेवारत कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।

--------------------

मामले की नहीं जानकारी

डीएवी स्कूल अम्बोटा के प्रधानाचार्य नमित शर्मा ने कहा यह न्यायालय का मामला है और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप