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संवाद सहयोगी, अम्ब : अपर अंदौरा के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से उनकी पंचायत को टीसीपी से बाहर करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पंचायत एक कृषि प्रधान पंचायत है। अधिकतर लोग कृषि से जुड़े हुए हैं। जब से पंचायत टीसीपी के दायरे में लाई गई है, तब से उन्हें टीसीपी के कड़े नियमों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों की बैठक शनिवार को सिद्धबड़ में ग्राम सुधार सभा अपर अंदौरा के बैनर तले आयोजित की गई। अध्यक्षता सभा के प्रधान कुशाल सिंह ने की। बैठक ने सभी ने एक मत से प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार से पंचायत अपर अंदौरा को टीसीपी से बाहर करने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पंचायत एक कस्बा न होकर छोटे-छोटे गांव वाली कृषि प्रधान पंचायत है। यहां के लोगों की अपनी निजी जमीने अधिकार लोग कृषि पर ही निर्भर हैं। अपर अंदौरा में टीसीपी लागू होने के बाद लोगों को बिजली-पानी व कोई छोटा मोटा निर्माण कार्य भी करवाना हो तो टीसीपी कार्यलय के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद भी अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिल पाते हैं।

इस मौके पर ग्राम पंचायत प्रधान नरेश कुमार, कुलदीप सिंह, बक्शीश सिंह, खुशी राम, रणजीत सिंह, जसवंत सिंह सतपाल, कर्नल जेके बनियाल, किशन चंद चौधरी, पूर्व प्रधान नरेंद्र राणा, भीम सिंह, तिलक राज, विद्या राम, मोहिंद्र सिंह, विद्यावती, चैन सिंह, हिंद पाल, सुखदेव सिंह, गबर्धन सिंह, केसर सिंह, खियाली राम, मंगत राम, किशोरी लाल, बलवीर सिंह, ईश्वर सिंह, शिवदेव सिंह, अशोक कुमार, दर्शन सिंह, सोम दत्त, सुरजीत सिंह, उत्तम चंद व राम लाल सहित गांव के अन्य लोग मौजूद रहे।

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विधायक विधानसभा सत्र में उठाएं मांग

सभा के महासचिव देवराज शांडिल ने कहा कि सभा में पारित प्रस्ताव की प्रति विधायक राजेश ठाकुर को भी भेजी गई है। अनुरोध किया है कि वह इस मामले को आगामी विधानसभा सत्र में उठाकर उनकी मांग को सदन के ध्यान में लाएं।

Posted By: Jagran

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