सिरमौर का NH 07 कालाअंब-पांवटा साहिब 3 महीने से लावारिस, गड्ढों से बदहाल सड़क बनी परेशानी का सबब
सिरमौर जिले का पहला फोरलेन प्रस्तावित नेशनल हाईवे 07 कालाअंब-पांवटा साहिब पिछले 3 महीनों से लावारिस पड़ा है।
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नेशनल हाईवे 07 कालाअंब पांवटा साहिब पिछले 3 महीनों से लावारिस चल रहा है।
जागरण संवाददाता, नाहन। जिला सिरमौर के पहले फोरलेन के लिए प्रस्तावित नेशनल हाईवे 07 कालाअंब पांवटा साहिब पिछले 3 महीनों से लावारिस चल रहा है। इस नेशनल हाईवे को हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग नाहन मंडल ने मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे (मोर्थ) को ट्रांसफर कर दिया है।
मगर 3 महीनों बाद भी मोर्थ ने इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए अभी तक टेकओवर नहीं किया। जिसके चलते 3 महीनों से यह सड़क लावारिस है। इस सड़क पर पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रहे गड्ढे चालकों की परेशानियों का सबब व हादसों का कारण बन रहे हैं।
जो इस महत्वपूर्ण हाईवे की बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हस्तांतरण की प्रक्रिया के बीच फंसे इस मार्ग की हालत ऐसी हो गई है कि यहां गड्ढे भरने के बजाय कई जगह गड्ढे खाइयों का रूप लेते नजर आ रहे हैं।
ट्रांसफर हुआ, टेकओवर नहीं, भुगत रही जनता
कालाअंब से पांवटा साहिब तक का यह करीब 60 किलोमीटर लंबा हिस्सा पहले हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल के अधीन था। कुछ समय पहले ही में इस सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) को हस्तांतरित किया गया है, लेकिन हस्तांतरण के बाद टेकओवर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
नतीजा यह है कि सड़क 3 महीनों से लावारिस हो चुकी हैं। हालात ऐसे हैं कि शायद ही इस पूरे मार्ग पर कोई ऐसा हिस्सा मिले, जहां सड़क पूरी तरह गड्ढा मुक्त नजर आए। रोजाना इस हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को न केवल सफर में अतिरिक्त समय गंवाना पड़ रहा है, बल्कि वाहनों के टायर, सस्पेंशन और अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय स्तर पर लगातार हादसों और वाहनों के खराब होने की शिकायतें इस मार्ग की तत्काल मरम्मत की जरूरत को रेखांकित करती हैं। विडंबना देखिए कि हिमाचल से सटे हरियाणा और उत्तराखंड की ओर हाईवे के हिस्सों पर फोरलेन सड़क का निर्माण हो चुका है, जबकि हिमाचल के बीच से गुजरने वाला यह महत्वपूर्ण हिस्सा बदहाली से जूझ रहा है।
उधर एनएचएआई (मोर्थ) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद दहिया ने बताया कि हाईवे के हैंडओवर और टेकओवर की प्रक्रिया अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए फिलहाल सड़क की मेंटेनेंस का जिम्मा एक अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में लगी एजेंसी को सौंपा गया है।
