बद्दी-नालागढ़ फोरलेन का फिर शुरू होगा काम, NHAI ने डेडलाइन भी कर दी तय; जाम प्रभावित क्षेत्र रहेंगे प्राथमिकता
डेढ़ साल से रुका पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन का निर्माण कार्य 15 अक्टूबर से गणपति भारत प्राइवेट लिमिटेड द्वारा फिर शुरू होगा। जाम की समस्या कम होगी।

बद्दी -नालागढ़ फोरलेन निर्माण कार्य के लिए पहुंची मशीनरी। जागरण
HighLights
पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन निर्माण 15 अक्टूबर से फिर शुरू।
गणपति भारत कंपनी अक्टूबर 2028 तक करेगी परियोजना पूरी।
जाम वाले क्षेत्रों में काम को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता।
जागरण संवाददाता, बीबीएन। बद्दी-नालागढ़ की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से परेशान लोगों और औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। करीब डेढ़ साल से ठप पड़े पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन निर्माण कार्य को दोबारा गति देने की तैयारी पूरी हो गई है। राजस्थान की गणपति भारत प्राइवेट लिमिटेड 15 अक्टूबर से परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करने जा रही है।
कंपनी की ओर से पांचवें नवरात्र के दिन विधिवत पूजा-अर्चना के साथ काम का शुभारंभ किया जाएगा। करीब 378.48 करोड़ रुपये में शेष निर्माण कार्य का ठेका हासिल करने वाली कंपनी को परियोजना अक्टूबर 2028 तक पूरी करनी है। कंपनी ने निर्धारित समयसीमा से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
जाम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता
परियोजना प्रबंधक प्रहलाद ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कंपनी ने किशनपुरा में अपना सेटअप तैयार कर लिया है। पिंजौर से नालागढ़ तक मशीनरी भी तैनात कर दी गई हैं। एनएचएआई से हरी झंडी मिलने के बाद अब निर्माण कार्य विधिवत शुरू किया जाएगा। कंपनी की प्राथमिकता उन क्षेत्रों में काम करने की होगी, जहां रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। इससे लोगों और औद्योगिक वाहनों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, निर्माण कार्य की गति बनाए रखने के लिए आवश्यक मंजूरियों और अन्य तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा करना भी अहम रहेगा। कंपनी को परियोजना के शेष हिस्से का निर्माण निर्धारित समय में पूरा करना है।
378 करोड़ में ठेका
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फोरलेन के शेष निर्माण कार्य के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर गणपति भारत प्राइवेट लिमिटेड की सबसे कम वित्तीय बोली स्वीकार की। शेष कार्य की अनुमानित लागत करीब 594 करोड़ रुपये थी, जबकि कंपनी ने 378.48 करोड़ रुपये की बोली लगाई। यह अनुमानित लागत से करीब 215.52 करोड़ रुपये यानी लगभग 36.28 प्रतिशत कम है।
कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी किए जाने के बाद निर्माण शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी कम लागत में काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा कर पाती है या नहीं।
45 प्रतिशत काम के बाद पटेल इंफ्रा ने छोड़ा था प्रोजेक्ट
पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन का निर्माण कार्य अप्रैल 2022 में शुरू हुआ था। गुजरात की पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सितंबर 2021 में करीब 469 करोड़ रुपये में इसका ठेका दिया गया था। परियोजना को मूल रूप से 30 सितंबर 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण, राइट ऑफ वे और यूटिलिटी शिफ्टिंग में देरी के कारण निर्माण प्रभावित हुआ। करीब 45 प्रतिशत काम पूरा करने के बाद कंपनी ने जून 2025 में परियोजना से हाथ खींच लिया, जिसके बाद निर्माण कार्य बंद हो गया। जुलाई 2025 में सड़क के रखरखाव और पैचवर्क के लिए अंतरिम व्यवस्था की गई। इसके बाद शेष काम के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई।
बीबीएन की औद्योगिक लाइफलाइन है फोरलेन
पिंजौर से नालागढ़ तक प्रस्तावित यह फोरलेन बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके पूरा होने से बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होने, जाम में कमी आने और यात्रा समय घटने की उम्मीद है। यह मार्ग हिमाचल प्रदेश को हरियाणा और पंजाब से जोड़ने के साथ औद्योगिक परिवहन के लिए भी अहम भूमिका निभाता है।
लंबे समय से अधर में लटकी इस परियोजना के दोबारा शुरू होने से स्थानीय लोगों, कामगारों और उद्योग जगत को राहत की उम्मीद है। अब सबसे बड़ी चुनौती निर्माण कार्य को लगातार जारी रखते हुए अक्टूबर 2028 की समयसीमा तक पूरा करना होगा।
