नाहन में 1230 करोड़ से बनेगा 930 KM लंबा बाईपास, 9 गावों को मिलेगा लाभ; रक्षा मंत्रालय से मिली मंजूरी
रक्षा मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद नाहन के बनेग धारक्यारी से काशीवाला तक 9.30 किलोमीटर लंबी वैकल्पिक बाईपास सड़क का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया है।

रक्षा मंत्रालय की हरी झंडी के बाद शुरू हुआ कार्य।
HighLights
रक्षा मंत्रालय से नाहन बाईपास सड़क निर्माण को मिली अनुमति
9.30 किमी लंबी सड़क नाहन को वैकल्पिक मार्ग देगी
सड़क निर्माण से 12 गांवों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
जागरण संवाददाता, नाहन। नाहन विधानसभा क्षेत्र की बनेग धारक्यारी से काशीवाला तक निर्माणाधीन सड़क के कार्य में आ रही मुख्य बाधा दूर हो गई है। रक्षा मंत्रालय से वर्किंग परमिशन मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण कार्य तेज कर दिया है।
करीब 12.30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 9.30 किलोमीटर लंबी यह सड़क नाहन शहर के लिए वैकल्पिक बाईपास के रूप में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
सड़क का टेंडर आवंटित होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन बीच में सेना की ओर से सड़क पर ड्रम लगाकर आवाजाही रोक दिए जाने से काम प्रभावित हो गया था।
रोक दिया था काम
सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने के बाद सेना की ओर से रक्षा भूमि से संबंधित आपत्ति के चलते मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाने में दिक्कतें आने लगीं। मामले को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने सेना के साथ बातचीत की।
इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्रालय को भी अनुमति प्रदान करने के लिए निवेदन भेजा गया। अब रक्षा मंत्रालय की ओर से कार्य करने की अनुमति जारी किए जाने के बाद सड़क निर्माण को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
रक्षा मंत्रालय से मिली मंजूरी
रक्षा मंत्रालय के भूमि निदेशालय की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में नाहन के कुमारहट्टी मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-907-ए से चावनी शमशेरपुर और माजहोली क्षेत्र के 12 गांवों के निवासियों को सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए रक्षा भूमि पर कार्य करने की अनुमति दी गई है।
पत्र के अनुसार इसके लिए कुल 5,583.2879 वर्ग मीटर रक्षा भूमि शामिल है, जिसका निर्धारित मूल्य 2,15,04,634 रुपये है। अनुमति के तहत सैन्य स्टेशन की सुरक्षा के लिए लगभग 7.5 किलोमीटर लंबी और 2.7 मीटर ऊंची चेन-लिंक बाड़बंदी कांटेदार तार के साथ बनाने का प्रावधान भी किया गया है।
रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद काम ने पकड़ी रफ्तार
रक्षा मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद निर्माण कंपनी ने सड़क किनारे डंगों और नालियों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में सड़क को मजबूत बनाने और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसके बाद सड़क को पक्का करने का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। लंबे समय से रक्षा भूमि से संबंधित अनुमति के कारण प्रभावित हो रही इस परियोजना के आगे बढ़ने से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
930 किलोमीटर लंबे बाईपास से मिलेगी जाम से राहत
करीब 9.30 किलोमीटर लंबी यह सड़क नाहन शहर के लिए वैकल्पिक बाईपास के रूप में भी अहम मानी जा रही है। सड़क तैयार होने से बनेग धारक्यारी और काशीवाला क्षेत्र के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ शहर में यातायात के दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक जवनेजा ने पुष्टि करते हुए बताया कि सड़क निर्माण के संबंध में रक्षा मंत्रालय से अनुमति पत्र प्राप्त हो गया है। इसके बाद सड़क को पक्का करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सड़क के किनारे नालियों और डंगों के निर्माण सहित जरूरी कार्य करवाए जा रहे हैं।
