संवाद सूत्र, नालागढ़ : हिमाचल प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से जहां लोगों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं कमजो़र एवं पात्र लोगों को निश्शुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी जा रही है। रविवार को उपमंडलीय विधिक सेवा समिति नालागढ़ के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहित बंसल ने नालागढ़ ब्लाक की पंचायत रडियाली में आयोजित मैगा विधिक जागरूकता शिविर में लोगों को कानूनी अधिकारों पर जागरूक किया। शिविर उपमंडलीय विधिक सेवा समिति नालागढ़ द्वारा आयोजित किया गया। इस मौके पर उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि लोगों को निश्शुल्क कानूनी सहायता, मध्यस्थता इत्यादि के विषय में जागरूक बनाएं।

मोहित बंसल ने कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य आम लोगों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना है। निश्शुल्क कानूनी सहायता का प्रविधान पात्र लोगों को समय पर कानूनी सहायता प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि आपसी सहमति से सुलझाए जा सकने वाले मामलों को न्यायालय में लाने के स्थान पर स्वयं अथवा पंचायत स्तर पर या मध्यस्थता के माध्यम से इन्हें सुलझाने का प्रयास करें। मध्यस्थता केंद्रों में विभिन्न मामले दोनों पक्षों के हित को ध्यान में रखकर ही सुलझाए जाते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि नशे की हालत में वाहन न चलाएं। उन्होंने सभी से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नियम का पालन का आग्रह भी किया। अधिवक्ता मनीष डढवाल ने गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकारों तथा अधिवक्ता चेतन शर्मा ने भरण-पोषण अधिनियम की जानकारी दी। इस मौके पर लोगों की विधि एवं न्याय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। शिविर के दौरान पंचायत रडियाली के प्रधान छोटू राम सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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