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एंटीबायोटिक और बच्चों के सिरप सहित देशभर की 331 दवाओं के सैंपल फेल, पाकिस्तान के 4 प्रोडक्ट में भी खोट

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 24 Oct 2026 11:37 AM (IST)

सीडीएससीओ के सितंबर ड्रग अलर्ट में देशभर के 331 दवा और कॉस्मेटिक सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें ...और पढ़ें

देशभर की 331 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

देशभर की 331 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. सीडीएससीओ सितंबर ड्रग अलर्ट में 331 दवा-कॉस्मेटिक सैंपल फेल।

  2. एंटीबायोटिक, बच्चों के सिरप सहित कई दवाएं गुणवत्ता मानकों पर असफल।

  3. हिमाचल, उत्तराखंड और पाकिस्तान निर्मित दवाएं भी जांच में फेल।

जागरण संवाददाता, सोलन। सीडीएससीओ की ओर से सितंबर के ड्रग अलर्ट में देशभर के 331 दवा एवं कास्मेटिक के सैंपल गुणवत्ता में खरे नहीं उतरे। इनमें 228 सैंपल राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा 42 केंद्रीय प्रयोगशालाओं में असफल रहे। जांच में एंटीबायोटिक, हृदय रोग, दर्द एवं बुखार, बच्चों के सिरप, खांसी, पेट सहित आंखों की दवाओं सहित इंजेक्शन तथा विटामिन उत्पादों के सैंपल फेल पाए गए हैं।

अधिकांश दवाएं डिसाल्यूशन, कंटेंट, एस्से, स्टेरिलिटी, पीएच, पार्टिकुलेट मैटर तथा एपीआइ की निर्धारित मात्रा जैसे महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों पर असफल रहीं। 

हिमाचल व उत्तराखंड की सबसे ज्यादा दवाएं

हिमाचल की 95, उत्तराखंड की 69, महाराष्ट्र की 23, मध्य प्रदेश की 22, हरियाणा की 21, गुजरात की 15, राजस्थान की 17, तमिलनाडु की 15, पंजाब की 13, सिक्किम की 12, उत्तर प्रदेश की 10, जम्मू की चार, पुडुचेरी की तीन, बंगाल की दो, बिहार, केरलम, न्यू दिल्ली, आंध्र प्रदेश, दमन, गोवा की एक-एक दवा का सैंपल फेल हुआ। 

पाकिस्तान में बनी चार दवाएं भी शामिल

विदेश में निर्मित 12 उत्पादों के सैंपल भी फेल मिले हैं। इनमें इटली के छह, पाकिस्तान के चार और थाईलैंड के दो सैंपल शामिल हैं।

इन उद्योगों की ये प्रमुख दवाएं निकली खराब 

सोलन के फार्मारूट्स हेल्थकेयर उद्योग में बनी एलर्जी में राहत की दवा सिट्राजिन हाइड्रोक्लोराइड प्लस एंब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड सिरप (बैच नंबर पीओ126002एल), गुजरात के विमसन डेरमा उद्योग में निर्मित त्वचा के फंगल, दाद व खुजली में इस्तेमाल होने वाला केटोकोनाजोल मेडिकेटिड साबुन, सिरमौर के ग्नोसिस फार्मास्युटिकल्स में निर्मित मिर्गी के दौरे नियंत्रित करने वाली सोडियम वेल्पोरेट गेस्ट्रो रजिस्टेंट 200 एमजी दवा (बैच नंबर जीटी501554ए), महाराष्ट्र के हिंदुस्तान लैबोरेट्री उद्योग में निर्मित खून में प्लेटलेट्स को आपस में चिपकने से रोकने की दवा एस्प्रिन 150 एमजी (बैच नंबर टीएएस25011एएल) का सैंपल फेल हुआ। 

लुधियाना के उद्योग सोलर फार्मास्यूटिकल्स में निर्मित सूजन वाले त्वचा रोगों की बीएस-टॉप क्रीम (बैच नंबर 689), हरियाणा के आरके लाइफ केयर उद्योग में निर्मित फेफड़ों के बैक्टीरियल संक्रमण के कैफटन 1000 एमजी इंजेक्शन (बैच नंबर आरकेसीएक्सबीपी003) का सैंपल फेल हुआ है। 

सिरमौर जिले के एमएमजी हेल्थकेयर उद्योग में निर्मित मलेरिया के उपचार का आउसनेट इंजेक्शन (बैच नंबर 25जीएफ23एम), सोलन के टीएंडजी मेडिकेयर उद्योग में निर्मित बच्चों के कान के बैक्टीरियल संक्रमण का सिरप पोडोनेक्स 100 ड्राई (बैच नंबर टीजीडी05250017) मानकों पर खरा नहीं उतरा। 

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