बद्दी में प्रदूषण फैलाने पर दो उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई, एक होगा सील; दूसरे का कटेगा बिजली कनेक्शन
बद्दी में प्रदूषण फैलाने वाले दो उद्योगों पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त कार्रवाई की है। एक उद्योग का ...और पढ़ें

बीबीएन का औद्योगिक क्षेत्र। जागरण आर्काइव
HighLights
एमएस एसवम एंटरप्राइजेज का बिजली कनेक्शन काटने के आदेश।
सरसा नदी में प्रदूषित पानी और सीवरेज डिस्चार्ज की अनियमितताएं।
एमएस मन्नत एंटरप्राइजेज को फार्मा वेस्ट जलाने पर सील किया।
जागरण संवाददाता, सोलन। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में प्रदूषण फैलाने वाले दो उद्योगों पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिकंजा कसा है। बद्दी के निकट स्थित निचला मलपुर स्थित एमएस एसवम एंटरप्राइजेज पर सरसा नदी में प्रदूषित पानी और सीवरेज डिस्चार्ज से जुड़ी अनियमितताएं पाए जाने पर बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए हैं। वहीं खरोटा गांव में फार्मास्युटिकल वेस्ट को खुले में जलाकर एल्युमिनियम निकालने वाली एमएस मन्नत एंटरप्राइजेज की यूनिट को सील करने के निर्देश दिए हैं।
पाई गई अनियमितताएं
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बद्दी क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि 12 अगस्त को एमएस एसवम एंटरप्राइजेज के निरीक्षण में प्लास्टिक कचरे के प्रसंस्करण सहित कई अनियमितताएं सामने आईं थी। एफुलिएंट ट्रीटमेंट प्लांट संचालित नहीं पाया तथा परिसर से पानी के बाहर निकल रहा था। एक बाईपास पाइपलाइन सरसा नदी की ओर जाती हुई पाई गई। इसके साथ ही घरेलू सीवरेज के डिस्चार्ज का भी पाया गया है।
अधिकारियों ने पानी के सैंपल में सीओडी निर्धारित मानकों से अधिक पाया था। इसके अलावा हाउसकीपिंग व्यवस्था खराब थी और प्रोसेस वेस्ट खुले में रखा मिला।
प्लास्टिक हटाने के दिए थे निर्देश
बोर्ड ने इससे पहले कंपनी को प्लास्टिक हटाने, आवश्यक अनुमति व प्राधिकरण प्राप्त करने तथा हजार्डस एंड अदर वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के तहत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने के बाद बोर्ड ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
बोर्ड के सदस्य सचिव डा. गोपालचंद गौतम ने 19 सितंबर को आदेश जारी कर विद्युत बोर्ड के बद्दी स्थित कार्यकारी अभियंता को कंपनी की बिजली आपूर्ति काटने और अगले निर्देश तक बहाल न करने को कहा है।
मन्नत एंटरप्राइजेज में खामियां
पांच सितंबर को बोर्ड के अधिकारियों ने खरोटा स्थित मन्नत एंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में फार्मास्युटिकल वेस्ट स्ट्रिप्स से एल्युमिनियम निकालने के लिए अस्थायी भट्टियों का इस्तेमाल हो रहा था और फार्मा वेस्ट को खुले में जलाया जा रहा था। इसके बाद बचे अवशेषों को भट्ठी में पिघलाकर एल्युमिनियम की रिकवरी और इनगाट तैयार किए जा रहे थे। बोर्ड के अनुसार इस गतिविधि के लिए आवश्यक पूर्व अनुमति और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (पीसीडी) उपलब्ध नहीं थे। बोर्ड ने सात सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब लंबित है।
अब लिया एक्शन
अब एसडीएम बद्दी संजीव धीमान को पुलिस और क्षेत्रीय अधिकारी के सहयोग से उद्योग सील करने तथा दोबारा संचालन न होने देने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के एक्सईएन अतुल परमार ने बताया कि एक उद्योग को सील करने व दूसरे का बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश कार्यालयों को भेज दिए हैं।
