संवाद सहयोगी, सोलन : देश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के चलते प्रदेश के पर्यटक स्थलों पर भी सन्नाटा पसर गया है। जिले की पर्यटन नगरी कसौली व चायल इन दिनों पर्यटकों की चहलपहल के बिना सूने नजर आने लगे हैं। वीकेंड पर भी पर्यटकों की आवाजाही पर खासा असर पड़ा है। कसौली में वीकेंड पर फुल आक्यूपेंसी रहती है, लेकिन इस वीकेंड पर 15 प्रतिशत ही आक्यूपेंसी रह गई है। पर्यटकों की कम आमद होने से पर्यटन व्यवसायियों व दुकानदारों के व्यवसाय में काफी गिरावट दर्ज की गई है।

वीकेंड पर पर्यटकों की आवाजाही जहां बहुत कम रही, वहीं कोरोना गाइडलाइन के चलते आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर जिले के बाजारों में अन्य सभी तरह की दुकानें बंद रहीं। कम ही संख्या में पर्यटक कसौली के बाजारों में घूमते नजर आए, वहीं दुकानें बंद होने पर वे मायूस भी हुए। गढ़खल में भी जाम से मिली निजात

वीकेंड पर कसौली में पर्यटकों की आमद से गढ़खल बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है। कसौली के लिए सैकड़ों पर्यटक वाहन वीकेंड पर गुजरते हैं और जाम का कारण बनते हैं। पांच ओर से आने वाली तंग सड़कों का केंद्र होने पर गढ़खल बाजार में एक वाहन के फंसते ही जाम लग जाता है, जिसको खुलवाने के लिए पुलिस को पसीना बहाना पड़ता है। अब कोरोना की तीसरी लहर आने पर पर्यटकों ने भी बाहर निकलने से दूरी बना ली है। ऐसे में आवाजाही काफी कम हो गई है और जाम की समस्या से भी लोगों को निजात मिल गई है। पर्यटकों के न आने से होटल रह रहे खाली

कसौली होटलियर्स एसोसिएशन के प्रेस सचिव व कसौली रिजार्ट के जीएम गुरप्रीत सिंह ने कहा कि कसौली में वीकेंड पर आक्यूपेंसी करीब फुल रहती है, लेकिन इस वीकेंड पर आक्यूपेंसी 10 प्रतिशत तक ही है। उन्होंने कहा कि कसौली में 85 प्रतिशत तक आक्यूपेंसी पर्यटकों के न आने से घट गई है। ऐसे में पर्यटन व्यवसायियों के व्यवसाय में काफी मंदी आई है।

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