हिमाचल: जर्जर हो चुका था स्कूल भवन, जनसहयोग से बना दिए 4 कमरे; नेता या अधिकारी के बजाय छात्रा से करवाया उद्घाटन
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में जर्जर चंबीधार स्कूल भवन को जनसहयोग से चार नए कमरों में बदला गया। इसका उद्घाटन ...और पढ़ें

सिरमौर के चंबीधारी स्कूल के कमरों का उद्घाटन करती छात्रा व पूजा करते अभिभावक व शिक्षक।
HighLights
सिरमौर के चंबीधार स्कूल का जर्जर भवन जनसहयोग से बना।
स्थानीय लोगों, पूर्व छात्रों ने मिलकर चार नए कमरे बनाए।
आठवीं की बेसहारा छात्रा पूजा ने नए भवन का उद्घाटन किया।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल प्रदेश में जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल के चंबीधार स्कूल का भवन जर्जर हो चुका था। इस कारण भवन की कमी को देखते हुए लोगों ने जनसहयोग से चार कमरों का निर्माण करवा दिया। स्थानीय लोगों, पूर्व विद्यार्थियों, समाजसेवियों और शिक्षकों ने सामूहिक सहयोग करते हुए हुए बलिदानी कमनाराम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबीधार में यह सराहनीय कार्य किया। लोगों ने पैसों के साथ श्रमदान भी किया।
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि नवरात्र के अवसर पर नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किसी मंत्री या विशिष्ट अतिथि से करवाने के बजाय विद्यालय की आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेसहारा छात्रा पूजा के हाथों से करवाया गया। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों ने समाज में समानता, संवेदनशीलता और मानवीय गरिमा का प्रेरक संदेश दिया।
पुराना भवन था असुरक्षित घोषित
समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी कमल दत्त शर्मा ने बताया कि विद्यालय के पुराने भवन को विभाग की ओर से असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। इसके चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त और सुरक्षित कक्ष उपलब्ध करवाने में परेशानी हो रही थी। बच्चों की इस समस्या को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सरकार पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं आगे आकर इसके समाधान का निर्णय लिया। लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया।
लोगों ने श्रमदान किया
वहीं, विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों में शामिल राजमिस्त्री, पेंटरों और अन्य कारीगरों ने भी सेवाएं देकर निर्माण कार्य में योगदान दिया। आर्थिक सहयोग के साथ-साथ लोगों ने श्रमदान भी किया, जिससे चार कमरों का निर्माण संभव हो पाया।
छात्रों को मिलेगी सुविधा
कमल दत्त शर्मा ने कहा कि जनसहयोग से तैयार यह भवन विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहायक होगा। ग्रामीणों की इस पहल ने साबित कर दिया है कि सामूहिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी से शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य अंजली सूद, एसएमसी अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, पूर्व शिक्षिका मीरा शर्मा, बलदेव बड़ोठी, रूप सिंह शास्त्री, महेश शर्मा, बृजमोहन सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
