नाहन, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश में सबसे बड़े कर एवं कर्ज घोटाले के मामले में नाहन की विशेष अदालत में पांवटा साहिब की इंडियन टेक्नॉमेक कंपनी के एमडी राकेश शर्मा को उदघोषित अपराधी घोषित किया है। नाहन की विशेष अदालत में इंडियन टेक्नॉमेक कंपनी द्वारा बिजली बोर्ड के साथ किए गए पांच करोड़ के फर्जी आरटीजीएस मामले में सुनवाई हुई। जिसकी सुनवाई करते हुए नाहन की विशेष अदालत के न्यायाधीश जसवंत सिंह ने मामले में सीआइडी के आग्रह पर इंडियन टेक्नॉमैक कंपनी के मालिक व प्रबंध निदेशक राकेश शर्मा को उदघोषित अपराधी घोषित किया। साथ ही ओपन डेटेड वारंट भी जारी किया। अब इस वारंट के तहत राकेश शर्मा को कभी भी कहीं भी गिरफ्तार किया जा सकता है। पहले जारी किए गए वारंट सीमित अवधि के थे, जो समाप्त हो जाते थे। लेकिन ओपन डेटेड वारंट जब तक राकेश शर्मा गिरफ्तार नहीं होगा, तब तक वैध रहेगा।

बता दें कि 6000 करोड़ का घोटाला करने वाली इंडियन टेक्नॉमैक कंपनी ने बिजली बोर्ड के साथ एक वर्ष के बिजली बिल में फर्जी आरटीजीएस किया था। इसका खुलासा तब हुआ जब आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने इंडियन टेक्नॉमेक कंपनी को 2100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में सीज किया था। उसके बाद बिजली बोर्ड ने अलग से मामले में एफआइआर करवाई थी कि कंपनी ने बोर्ड को फर्जी आरटीजीएस के तहत 5 करोड़ की चपत लगाई है। इंडियन टेक्नॉमेक कंपनी के कर चोरी के मामले में सीआइडी व प्रवर्तन निदेशालय अलग-अलग जांच कर रहे हैं। आबकारी एवं कराधान विभाग के टैक्स चोरी के मामले की सुनवाई 16 सितंबर को होनी है। अब तक सीआइडी इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इंडियन टेक्नॉमेक कंपनी के एमडी राकेश शर्मा को  उदघोषित अपराधी घोषित करने की पुष्टि उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने की है।

Posted By: Rajesh Sharma

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